लोहाघाट विकासखंड के सीमांत डुंगरालेटी गांव में लघु सिंचाई विभाग की ओर से बंजर भूमि पर बनाया गया सिंचाई टैंक महज शो पीस बना हुआ है। लाखों रुपये की लागत से बनाए गए सिंचाई टैंक का लाभ क्षेत्र के किसानों को नहीं मिल रहा है। किसानों का कहना है कि लघु सिंचाई विभाग द्वारा सिंचाई गूलों और टैंकों का निर्माण कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है।
मानकों को ताख पर रखकर सरकारी धन खपाने का सिलसिला बीते कई वर्षों से चल रहा है। कहीं जमीन नहीं है तो कहीं पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं होने के बाद भी गूलों का निर्माण किया जा रहा है। कहीं योजना ही धरातल में नहीं बनी है। इस संबंध में ग्रामीणों ने दीपक बिष्ट के नेतृत्व में सिंचाई मंत्री को ज्ञापन भेजा है। ज्ञापन में कहा गया है कि लघु सिंचाई विभाग की ओर से पूर्व में बनाई गई कई गूलों के निर्माण की जांच चल रही है। वर्ष 2011-12 में स्वीकृत ठूलीगाढ से उना योजना अब तक नहीं बन सकी है। मजपीपल ग्राम पंचायत के बसोटा तोक में सूखे स्थान पर बनाया गया टैंक टूट गया है। इसके अलावा बगोटी के सिमलक तोक में भी बिना पाइप लाइन के सूखा टैंक बनाया गया है। दूसरी तरफ लघु सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि किसानों की मांग के आधार पर ही सिंचाई गूल और टैंकों का निर्माण किया जाता है।