मांगें न माने जाने पर नेपाल की मधेशी पार्टी ने अगले माह होने वाले स्थानीय निकाय चुनाव के बहिष्कार का निर्णय लिया है। इस बाबत मधेशी और समर्थक दलों ने सरकार को आगाह कर दिया है। मधेशी पृष्ठभूमि वाले दलों ने 29 अप्रैल को नेपाल बंद का आह्वान किया है। वहीं, बनबसा और टनकपुर की सीमा से लगे नेपाली क्षेत्रों में नेपाल बंद का असर होने की आशंका है।
नेपाल संसद में समुचित प्रतिनिधित्व समेत कई मांगों को नेपाल सरकार द्वारा न माने जाने पर नेपाली मधेशी पार्टी ने नेपाल में 14 मई को होने वाले स्थानीय निकाय चुनावों के बहिष्कार का फैसला लिया है। मधेशी दल के अलावा उनके समर्थक दलों के गठबंधन के संयोजक और फेडरल सोशलिस्ट फोरम नेपाल के अध्यक्ष उपेंद्र यादव ने कहा कि उनके द्वारा दिए संविधान संशोधन प्रस्ताव को संसद में पेश नहीं किया गया।
मांगें नहीं माने जाने पर उन्होंने स्थानीय निकाय चुनावों के बहिष्कार का निर्णय लिया है। मंगलवार से देश के कई भागों में मशाल जलूस शुरू कर दिए गए हैं। अब 9 मई तक देश के कई भागों में जनसभाएं, मशाल जलूस, लाठी और सीटी जुलूस निकाला जाएगा, 29 अप्रैल को नेपाल बंद का ऐलान किया गया है। इसके बाद 10 मई से देश में जिला स्तर पर प्रदर्शन, हड़ताल का आह्वान किया गया है।