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पागल कुत्तों का आतंक, दो बच्चों को काटा

Tue, 26 Sep 2017 09:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, चंपावत।
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चंपावत में पागल कुत्तों के आतंक के खिलाफ प्रदर्शन कर विरोध जताते नागरिक। - फोटो : अमर उजाला
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जिला मुख्यालय में पागल कुत्तों का आतंक मचा है। सोमवार को दो बच्चों को इन कुत्तों ने काट कर लहूलुहान कर दिया। इन बच्चों का निजी अस्पताल में इलाज कराया गया। सुबह सैर करने वाले कई लोगों पर भी ये कुत्ते झपट चुके हैं। चंपावत में 11 सितंबर से 12 लोगों के अलावा पांच मवेशियों को पागल कुत्ते काट चुके हैं, लेकिन नगर पालिका द्वारा कुत्ते को पकड़ने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इस पर नाराज लोगों ने प्रदर्शन कर चार दिन में कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
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सोमवार देर शाम विकासखंड मार्ग पर भूमिया मंदिर के पास एक पागल कुत्ते ने हिमांशु रैंसवाल (6) पुत्र मोहन सिंह रैंसवाल को बुरी तरह काट दिया। कुत्ते ने बच्चे के मुंह और पांव पर काट है। मंगलवार सुबह एक अन्य बालक को घायल कर दिया। जिला अस्पताल में एंटी रैबीज वैक्सीन (एआरवी) नहीं होने से दोनों बच्चों का शहर के एक निजी अस्पताल में इलाज कराया गया। दो मवेशियों को भी कुत्तों ने काटा है।

मंगलवार सुबह सैर करने गए मिनिस्ट्रीयल फेडरेशन के नेता एलएम चतुर्वेदी और शिक्षक श्याम सिंह बोहरा कुत्तों के हमले से बाल-बाल बचे। 11 सितंबर को एक सेवानिवृत्त डॉक्टर सहित छह लोगों को कुत्ते ने काटा था। इससे पहले 16 सितंबर, 18 सितंबर को भी इन कुत्तों ने चार लोगों को काटा था। वहीं, पागल कुत्तों के बढ़ते आतंक से नाराज लोगों ने मंगलवार को प्रदर्शन किया।
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साथ ही पालिकाध्यक्ष प्रकाश तिवारी को ज्ञापन सौंपकर चार दिन के भीतर ठोस कार्रवाई नहीं करने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। चंपावत विकास एवं संघर्ष समिति युवा इकाई के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह भुप्पी के नेतृत्व में प्रदर्शन करने वालों में कमल सिंह, विमल पांडेय, अभिषेक गंगोला, मदन सिंह रैंसवाल, मोहन सिंह रैंसवाल आदि थे।

उधर, नगर पालिका अध्यक्ष प्रकाश तिवारी ने कहा कि पागल कुत्तों की पहचान कर पकड़ने को अभियान चलाया जाएगा। अधिशासी अधिकारी अभिनव कुमार ने कहा कि इसके लिए पालिका रोज अपरान्ह बाजार सहित संवेदनशील क्षेत्रों पर कुत्तों की धरपकड़ करेगी।

कुत्ते काटे के इंजेक्शन को तरस गया जिला
जिले के सरकारी अस्पतालों में लोगों को कुत्ते काटे के इंजेक्शन (एंटी रैबीज वैक्सीन) नहीं मिल रहे हैं। छह माह पहले की गई एआरवी मांग की पूर्ति नहीं की जा सकी है। इसके चलते लोगों को निजी अस्पताल से महंगी कीमतों पर वैक्सीन खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है। बाजार में इसकी कीमत 1850 रुपये (पांच वैक्सीन) है।

चंपावत क्षेत्र में ही 16 दिनों में 12 लोगों को पागल कुत्तों ने काटा है, जबकि जिलेभर में इस अवधि में 29 लोगों को कुत्ते काट चुके हैं, बावजूद इसके लोहाघाट में इस साल अगस्त, तो चंपावत, टनकपुर अस्पताल में अप्रैल से एआरवी नहीं है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. आरके जोशी ने अप्रैल के बाद तीन बार कुल मिलाकर 50 एआरवी की स्थानीय खरीद कर लोगों को राहत देने का प्रयास किया, लेकिन अब ये एआरवी भी खत्म हो गई है।

इसके चलते जिलेभर में लोगों को निजी स्तर पर एआरवी की व्यवस्था करने को मजबूर होना पड़ रहा है। सीएमएस डॉ. एमएस बोहरा का कहना है कि पूर्ति करने वाली कंपनी वैक्सीन की आपूर्ति नहीं कर सकी है। अलबत्ता अब डीएम ने रेडक्रॉस से एआरवी खरीदने की अनुमति दे दी है। धन मिलते ही 50 एआरवी की व्यवस्था कर दी जाएगी।

35 किमी पैदल दूर डांडा मल्ला में दो दिन में पहुंची टीम
जिला मुख्यालय से करीब 85 किमी दूर (चंपावत से सूखीढांग की सड़क दूरी 51 किमी एवं सूखीढांग से 35 किमी पैदल दूरी) स्थित डांडा मल्ला में शनिवार रात और रविवार की सुबह एक पागल कुत्ते ने 20 मवेशियों को काट दिया था। ग्राम प्रधान खष्टी देवी, गांव के सामाजिक कार्यकर्ता प्रेम सिंह ने बताया कि चल्थी के फार्मेसिस्ट अशोक गड़कोटी, पशुधन प्रसार अधिकारी राजेंद्र थपलियाल ने दो दिन की मशक्कत के बाद सोमवार अपरान्ह डांडा मल्ला पहुंचकर मवेशियों का इलाज किया।
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