चंपावत। मां पूर्णागिरि धाम मेला क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को चाक चौबंद करने के लिए पुलिस फोर्स पहली मार्च को पहुंच जाएगा। एसपी देवेंद्र पींचा ने बताया कि मेला क्षेत्र में तीन थाना क्षेत्र बनाए गए हैं। ये तीनों थाने पहली मार्च से काम करना शुरू कर देंगे। इसके लिए जिले में तैनात पीएसी, पुलिस, खुफिया, जल और महिला पुलिस बल भेजा जा रहा है। साथ ही थानों के प्रभारियों का चयन कर लिया गया है। इधर, मंदिर समिति ने कहा है कि मेले की सभी तैयारियां 28 फरवरी तक पूरी कर ली जाएंगी।
उन्होंने बताया कि स्थायी पुलिस चौकी ठुलीगाड़ के अलावा भैरव मंदिर और मुख्य मंदिर के पास काली मंदिर में पुलिस थाना बनाया गया है। तीन महीने की सरकारी मेलावधि में पुलिस की क्यूआरटी (त्वरित कार्रवाई बल) पैदल मार्ग में श्रद्धालुओं की मदद करेगी। इसके अलावा अतिरिक्त पुलिस बल के लिए पुलिस महानिरीक्षक को पत्र भेजकर आग्रह किया गया है। मां पूर्णागिरि धाम में बनाए गए थाना काली मंदिर का प्रभारी पाटी के थानाध्यक्ष देवनाथ गोस्वामी, भैरव मंदिर थाना प्रभारी लोहाघाट के उपनिरीक्षण हरीश प्रसाद और ठुलीगाड़ थाना प्रभारी डीएस भंडारी को बनाया गया है। इधर, नौ मार्च से शुरू होने वाले मां पूर्णागिरि मेले की तैयारी तेज हो गई हैं। धर्मशाला, दुकानों को साफ किया जा रहा है। वहीं सफाई अभियान भी युद्घ स्तर पर चल रहा है। मंदिर समिति का कहना है कि 28 फरवरी तक मेले की सभी तैयारियां पूरी हो जाएंगी।
पूर्णागिरि धाम क्षेत्र में लोगों का इलाज करेगा सचल अस्पताल
मां पूर्णागिरि धाम (चंपावत)। मां पूर्णागिरि धाम क्षेत्र में स्थायी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था नहीं है। अब यहां सचल अस्पताल धाम क्षेत्र और आसपास के लोगों का इलाज करेगा। यह सचल अस्पताल (एंबुलेंस) हंस फांउडेशन की ओर से दिया जाएगा। फाउंडेशन ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस सचल अस्पताल में न केवल डॉक्टर मरीजों का इलाज करेंगे बल्कि पैथोलॉजी जांच की भी सुविधा होगी। साथ ही निशुल्क दवाएं भी दी जाएंगी।
एंबुलेंस परियोजना के समन्वयक सुरेश तिवारी ने हंस फाउंडेशन चंपावत जिले में पांच एंबुलेंस के जरिए हर माह 96 गांवों में इलाज दे रहा है और अब पूर्णागिरि धाम क्षेत्र में भी एंबुलेंस सेवा देकर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों का इलाज करेगा। बताया कि एंबुलेंस में डॉक्टर, फार्मासिस्ट, लैब तकनीशियन, वार्ड ब्वाॅय और सोशल मॉटिवेटर की तैनाती भी होगी। रक्तचाप, मधुमेह, हीमोग्लोबिन सहित 29 पैथोलॉजी जांच की सुविधा के अलावा निशुल्क दवाएं दी जाएगी। यह एंबुलेंस पूर्णागिरि मेले और क्षेत्र के सेलागाड़, श्रीकुंड, कलढुंगा, चूका सहित कई अन्य गांवों में जाकर लोगों का इलाज करेगी। संवाद
पूर्णागिरि मेला क्षेत्र में तीन माह तक लगेंगे स्वास्थ्य शिविर
चंपावत। मेले में इलाज की बेहतर व्यवस्था के लिए स्वास्थ्य विभाग तीन शिविर लगाएगा। ये शिविर नौ मार्च से शुरू होकर तीन माह तक चलने वाले सरकारी मेला अवधि तक लगे रहेंगे। तीनों शिविरों के स्थान की जगह को अंतिम रूप दे दिया गया है। सीएमओ डॉ. केके अग्रवाल ने मेले के लिए 19 डॉक्टर और 19 फार्मासिस्ट के नामों को हरी झंडी दे दी है। ठुलीगाड़, भैरव मंदिर और काली मंदिर के पास लगने वाले स्वास्थ्य शिविर में डॉक्टर और फार्मासिस्ट की 15-15 दिन की ड्यूटी रहेगी। इसके अलावा छह वाहन चालकों को भी तैनात किया गया है जबकि मेले के स्वास्थ्य अधिकारी टनकपुर उप जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. घनश्याम तिवारी होंगे। मेला क्षेत्र में हर वक्त विभाग की एक एंबुलेंस मौजूद रहेगी।