चंपावत। जिले में आबादी के बीच के गैस गोदाम खतरा भले ही न होें लेकिन शहरी क्षेत्र के लिए चुनौती जरूर बन रहे हैं। जिले के तीन-चौथाई गोदाम आबादी वाले क्षेत्रों के साथ ही अस्पताल, स्कूल, सरकारी कार्यालयों के करीब हैं लेकिन इसके बावजूद एक को छोड़ अन्य गोदामों को बदलने की कवायद नहीं की जा रही है।
जिले में चार गैस वितरण केंद्रों में 57,000 से अधिक उपभोक्ता हैं। देवीधुरा को छोड़ चंपावत, टनकपुर, लोहाघाट के शेष तीन गैस केंद्र और गोदाम नगर पालिका क्षेत्र में हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे स्थित ये गोदाम संवेदनशील स्थानों पर बने हैं। जोखिम के बावजूद तीन में से दो का स्थान बदलने की कोई कवायद भी नहीं की जा रही है। हालांकि लोहाघाट के एक गैस गोदाम का स्थान बदलने का प्रस्ताव विचाराधीन है।
लोहाघाट में नए गैस केंद्र के लिए पाटन पाटनी में जमीन आवंटित
चंपावत। जिले के सबसे पहले लोहाघाट के गैस वितरण केंद्र को भीड़ वाली जगह से हटाया जाएगा। केंद्र के आसपास भीड़ और खतरे को देखते हुए इसे लोहाघाट से पांच किमी दूर पाटन पाटनी में ले जाया जाएगा। इसके लिए जमीन मिल चुकी है।
वर्ष 1985 में खुले लोहाघाट गैस वितरण केंद्र में 27,000 से अधिक उपभोक्ता हैं। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे नगर के शिवालय समेत भारी भीड़ वाली जगह पर बना है। इस कारण इसे यहां से हटाने की जरूरत महसूस की गई। नोडल अधिकारी प्रकाश मुरारी ने बताया कि कुमाऊं मंडल विकास निगम, आईओसी और राजस्व विभाग के संयुक्त मुआयने के बाद पाटन पाटनी गांव में मिली जगह को उपयुक्त पाया गया है। नई जगह पर 12,000 गैस सिलिंडर की क्षमता का गोदाम बनेगा।
जिले में गैस गोदामों की मौजूदा स्थिति
चंपावत गैस केंद्र की चहारदीवारी जिला अस्पताल से लगती है। अस्पताल के साथ ही आवास और ट्रांजिट हॉस्टल भी हैं।
टनकपुर गैस केंद्र की सीमा स्टेडियम, पर्यटक आवास गृह से लगी है। 30 मीटर दूर जीआईसी और घनी आबादी है।
लोहाघाट गैस केंद्र के पास पेट्रोल पंप, रोडवेज स्टेशन, भीड़ की वजह से अक्सर जाम की समस्या रहती है।
लोहाघाट गैस एजेंसी और गोदाम को मौजूदा जगह से पाटन पाटनी में शिफ्ट किया जाएगा। गोदाम वाली जगह का उपयोग केएमवीएन दूसरे रूप में करेगा। लोहाघाट के अलावा चंपावत जिले के किसी अन्य गैस गोदामों को अन्य स्थान पर ले जाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। गैस गोदाम वाले क्षेत्रों में आग से बचाव और सुरक्षा के अन्य बंदोबस्त किए जाएंगे। - विनीत तोमर, एमडी, केएमवीएन, नैनीताल।