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रीठा साहिब जोड़ मेले की संशोधित खबर:

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रीठा साहिब जोड़ मेले में गुरुद्वारे में लंगर छकते तीर्थयात्री। - फोटो : CHAMPAWAT
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रीठा साहिब (चंपावत)। रीठा साहिब गुरुद्वारे में शुक्रवार को मुख्य जोड़ मेला हुआ। सिख समागम में जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल के नारों की गूंज रही। लधिया-रतिया नदी के संगम में स्नान करने के बाद तीर्थयात्रियों ने गुरुद्वारे में मत्था टेका। नानकमत्ता गुरुद्वारा के बाबा जगतार सिंह जी ने कहा कि सिख धर्म सेवा और समर्पण और त्याग की सीख दे मानवता की सेवा कर रहा है।
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श्री गुरुग्रंथ साहिब के पाठ की लड़ी शुरू होने के साथ नानकमत्ता सहित विभिन्न स्थलों से आए कविश्री जत्था के ज्ञानी गुरनाम सिंह परवाना ने गुरुग्रंथ साहिब की अमृतवाणी के अलावा रीठा साहिब गुरुद्वारे का इतिहास बताया। इस दौरान अखंड सबद-कीर्तन अनवरत चला। कोरोना महामारी के चलते इस बार पिछले सालों की अपेक्षा कम श्रद्धालु पहुंचे, ज्यादातर यात्री उत्तराखंड से थे। मेले में कोरोना से बचाव के तमाम उपाय अपनाए गए थे।
गुरुद्वारा प्रबंधक बाबा श्याम सिंह, पंच रतन बाबा हरवंश सिंह, बाबा फतेह सिंह आदि ने दरबार साहिब में सिख समागम को संबोधित किया। बताया कि रीठा साहिब में सिख धर्म के संस्थापक गुरुनानक देव जी ने अपनी आध्यात्मिक शक्ति से रीठे की कड़ुवाहट में मिठास भरकर दुनिया को मिलकर रहने का संदेश दिया। इस मौके पर श्रद्धालुओं ने लंगर छका। ज्ञानेंद्र सिंह, मेहर सिंह, सुरेश, अजीत सिंह पाल, मोहन सिंह, सरदार अजीत सिंह, जितेंद्र सिंह, मलकीत सिंह, सुरेंद्र सिंह, जगदीश सिंह, संदीप सिंह, हरपाल, सतनाम आदि सेवा भाव से जुटे रहे। मेला मजिस्ट्रेट एसडीएम आरसी गौतम के नेतृत्व में प्रशासन और पुलिस की टीम व्यवस्था बनाने में जुटी रही। शनिवार को तीन दिनी मेले का समापन होगा।

रीठा साहिब जोड़ मेले में गुरुवाणी करते ज्ञानी गुरनाम सिंह परवाना।- फोटो : CHAMPAWAT

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