भिंंगराड़ा के खरही गांव में धार्मिक मंत्रोच्चारण, पूजा-अर्चना के साथ 10 दिनी श्रीकृष्ण लीला शुरू हो गई है। पं. जगदीश शर्मा के पौरोहित्य में मुख्य यजमान मनीराम जोशी ने पूजा-अर्चना की। पुजारी पान देव शर्मा ने वैदिक मंत्रों के साथ लीला का शुभारंभ किया। प्रथम दिन की लीला में नारद जी भगवान विष्णु को बताते हैं कि पृथ्वी में अधर्म बड़ रहा है।
भगवान ने ब्रह्मा, शिव, योगमाया, महालक्ष्मी, इंद्र और धर्मराज की सभा बुलाई। उसमें पृथ्वी ने गाय का रूप धारण कर प्रवेश किया और यहां के हालात बताए। भगवान ने पृथ्वी को वचन दिया कि मनुष्य रूप में अवतार लेकर दुष्टों का विनाश कर धर्म की स्थापना की जाएगी। बाद में भगवान श्रीकृष्ण ने मनुष्य रूप में जन्म लिया और अपनी लीलाएं शुरू कर दीं। धर्मराज का अभिनय गुड्डू, भगवान शिव का दुर्गानाथ, ब्रह्मा जी का दिनेश जोशी, विष्णु का ब्रजेश शर्मा, इंद्र का पान सिंह, लक्ष्मी का अंकित बोरा, पृथ्वी का राहुल बोरा, माया का पप्पू शर्मा, नटी का महेंद्र सिंह, नारद का नवीन बोहरा, सूत्रधार का केएन जोशी द्वारा जीवंत अभिनय किया गया।