लोहाघाट में बेरोकटोक चल रही पॉलिथीन
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जिला मुख्यालय से महज 13 किलोमीटर दूर लोहाघाट में पॉलिथीन का धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहा है। अदालत के आदेश के बावजूद प्रशासन पॉलिथीन के उपयोग को रोकने में पूरी तरह नाकाम रहा है। होली के ऐन पहले यहां बेरोकटोक इसका प्रयोग चल रहा है।
पॉलिथीन और डिस्पोजेबल सामग्री पर प्रतिबंध यहां बेअसर है। लोहाघाट, पाटी और बाराकोट विकासखंडों में बड़ी संख्या में व्यापारियों द्वारा पॉलिथीन और डिस्पोजेबल सामग्री की बिक्री की जा रही है। पॉलिथीन का प्रयोग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने से इसका धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहा है। इस साल यहां पॉलिथीन के खिलाफ कोई कदम भी नहीं उठाए गए। अलबत्ता पिछले साल छिटपुट छापामार कार्रवाई जरूर हुई, मगर ये कार्रवाई छोटे कारोबारियों, रेड़ी, फड़ आदि दुकानों तक ही सीमित रही। पॉलिथीन का थोक कारोबार करने वाले व्यापारियों के खिलाफ कार्रवाई करने में प्रशासन भी हिचकता रहा है।
लोगों का कहना है कि पॉलिथीन के उपयोग पर रोक लगाने के लिए सबसे पहले थोक व्यापारियों के यहां छापेमारी की जानी चाहिए। यदि वहीं से छोटे व्यापारियों को पॉलिथीन उपलब्ध नहीं होगी, तो व्यापारी स्वयं कागजों की थैलियों में सामग्री प्रयोग शुरू कर देंगे।
पिछले साल जुर्माने में वसूले गए थे 36 हजार रुपए
लोहाघाट नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी अभिनव कुमार का कहना है कि नगर पंचायत और प्रशासन ने 2016 में पॉलिथीन के खिलाफ अभियान चलाकर 10 किलोग्राम पॉलिथीन जब्त की थी। जिसमें 10 लोगों का चालान कर 36000 हजार रुपए जुर्माने के रूप में वसूले गए थे। ईओ का कहना है कि शीघ्र ही अभियान चलाकर पॉलिथीन का प्रयोग करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।