नगर में जल संकट गहरा रहा है। कई जगह चार दिन बाद लोगों को पानी मिल पा रहा है। कई जगह बनस्वाड़ पेयजल योजना के क्षतिग्रस्त होने से जलापूर्ति ठप पड़ गई थी। इस वजह से काफी आबादी हैंडपंपों, नर्सरी गधेरा तथा अक्कलधारे के पानी पर आश्रित हो रही है। अलबत्ता जल संस्थान ने रविवार को काफी मशक्कत के बाद योजना को ठीक करने के साथ ट्रायल किया। परीक्षण में ठीक पाए जाने पर सोमवार से पेयजल व्यवस्था सुधर सकती है।
छह इंच मोटे पाइपों वाली इस योजना में पाइपों को भरने के लिए तीन घंटे का समय लगता है। कम पानी होने पर एयर भरने से पानी का प्रवाह कम हो जाता है। जलकल अभियंता पवन बिष्ट के अनुसार रविवार को बनस्वाड़ टैंक में 15 हजार लीटर पानी टैंकरों से डाला गया है, यदि रात तक बनस्वाड़ योजना चालू हो जाती है, तो सोमवार से तीसरे दिन पानी दिया जाएगा। नगर के अधिकांश लीकेज बंद कर दिए गए हैं।
वर्षा न होने के कारण जल स्रोतों का जल स्तर लगातार कम होने से हालत खराब हो रही है। नागरिकों ने टैंकरों से जलापूर्ति की मांग की है। जल संस्थान में इस वक्त में दो टैंकर उपलब्ध हैं, लेकिन उनके संचालन के लिए ड्राइवर एक है, जिससे एक ही टैंकर की सेवाएं ली जा रही है।