डोईवाला में लोहाघाट डिपो की जली हुई बस। स्रोत : देहरादून पुलिस
चंपावत/लोहाघाट। लोहाघाट से देहरादून जा रही लोहाघाट डिपो की रोडवेज बस में आग लग गई। चालक और परिचालक की सूझबूझ से यात्रियों और रोडवेज स्टाफ की जान बच गई।
बुधवार को लोहाघाट रोडवेज डिपो की बस (यूके 07 पीए 4232) यात्रियों को लेकर लोहाघाट से देहरादून रवाना हुई। बस में करीब 15 यात्री और सात लोग रोडवेज स्टाफ के थे। बृहस्पतिवार तड़के करीब चार बजे जब बस डोईवाला के लाल तप्पड़ मंदिर के पास पहुंची थी तो अचानक बस में भीषण आग लग गई। बस के चालक पूरन सिंह सामंत, परिचालक गजेंद्र त्रिवेदी और रोडवेज कर्मी महिपाल सिंह ने सूझबूझ का परिचय देते हुए सभी यात्रियों को सुरक्षित बस से बाहर निकाला।
समय रहते सभी को सकुशल बाहर निकाल लिया गया लेकिन तब तक बस में आग पूरी तरह फैल चुकी थी। इससे अफरातफरी का माहौल हो गया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और लाल तप्पड़ पुलिस मौके पर पहुंची। बस में सवार रोडवेज कर्मी महिपाल सिंह और गोपाल गिरी सीएम सम्मान कार्यक्रम में जा रहे थे। बस वर्ष 2016 मॉडल की थी। लोहाघाट डिपो के एआरएम धीरज वर्मा ने बताया में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी थी। सभी यात्री और स्टाफ सुरक्षित हैं। बस को हरिद्वार में खड़ा कर दिया गया है। गनीमत रही कि साल के पहले दिन रोडवेज की पुरानी बस में एक बड़ा हादसा चालक, परिचालक और स्टाफ की सूझबूझ से होने से बच गया।