चंपावत सीडीओ भवन परिसर में जनप्रतिनिधियों के साथ कार्रवाई की मांग करते विधायक लोहाघाट खुशाल सिंह अ
- फोटो : अमर उजाला
लोहाघाट से कांग्रेस विधायक खुशाल सिंह अधिकारी ने पंचायत प्रतिनिधियों के उत्पीड़न और विकास कार्यों में अनियमितता के आरोप लगाते हुए बृहस्पतिवार को मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) कार्यालय में धरना दिया। करीब ढाई घंटे तक हंगामा चलता रहा। इस दौरान विधायक की पीडी और एपीडी के अधिकारियों से भी तीखी बहस हुई।
बृहस्पतिवार को विधायक जनप्रतिनिधियों के साथ सीडीओ कार्यालय पहुंचे और कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के आदर्श जिले में विकास कार्यों में भ्रष्टाचार और कमीशन का खेल चल रहा है। विधायक ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधानों और उनके वित्त से होने वाले कार्यों के भुगतान में 15 से 25 प्रतिशत तक की कटौती की जा रही है।
विधायक ने कहा कि पूर्व में भी डीपीआरओ के समक्ष भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायतें रखी गई थीं। उस समय कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था, लेकिन दो माह से अधिक समय बीतने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) पर भी मामले में शामिल होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब भ्रष्टाचार चरम पर होगा तो विकास कार्य धरातल पर कैसे दिखाई देंगे।
विधायक ने पाटी ब्लॉक में फार्म मशीनरी बैंक के मामले में भी अनियमितता के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि शिकायत के बावजूद मामले में कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप था कि विभाग से उपलब्ध कराई गई मशीनें बेच दी गई हैं। विधायक ने कहा कि इस संबंध में कई बार मौखिक और लिखित रूप से अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ।
धरने में ये भी रहे शामिल
धरने में यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष सक्षम अधिकारी, ग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष प्रकाश मेहरा, ग्राम प्रधान संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष अमर कोटियाल, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष अजय बिष्ट, ललित वर्मा, पुष्कर सामंत, भुवन बोरा, विमलेश थापा, अजय गोरखा, भैरव राम समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
जेई के तबादले का आदेश जारी हुआ तब हटे विधायकविधायक करीब ढाई घंटे तक सीडीओ कार्यालय में कार्रवाई की मांग को लेकर डटे रहे। उन्होंने पाटी ब्लॉक में तैनात उपनल संविदा के जेई के स्थानांतरण की मांग की। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था। कार्रवाई नहीं होने पर धरने पर डटे रहने की चेतावनी दी। विधायक के दबाव के बाद डीपीआरओ महेश कुमार ने 10 मिनट में कार्रवाई संबंधी पत्र लाने की बात कही और कार्यालय से चले गए। काफी समय बीतने के बाद भी उनके नहीं लौटने पर विधायक नाराज हो गए और उन्हें ढूंढने निकल पड़े। डीएम कार्यालय के बाहर डीपीआरओ मिलने पर विधायक ने तत्काल कार्रवाई करने को कहा। इसके बाद वह डीपीआरओ के साथ कार्यालय पहुंचे। जेई के स्थानांतरण का आदेश जारी होने के बाद विधायक आदेश की प्रति लेकर वहां से चले गए। इस दौरान सीडीओ कार्यालय परिसर में काफी गहमागहमी रही।
लोहाघाट विधायक की ओर से लगाए गए आरोप गंभीर हैं। उन्होंने जो भी आरोप लगाए हैं उनकी गहनता से जांच कराई जाएगी। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। जल्द ही कमेटी गठित कर टीम को जांच के लिए भेजा जाएगा। -डॉ. जीएस खाती, सीडीओ, चंपावत