िजिले के देवीधुरा क्षेत्र में चार हजार वर्ग मीटर में लिलियम के फूल लहलहा रहे हैं।
वालिक, देवीधुरा, ढरौंज में पॉलीहाउस में राजीव कुमार, गोकुलानंद, जीवानंद जोशी पॉलीहाउस में लिलियम की खेती कर अच्छी आय अर्जित कर रहे हैं। लिलियम के फूल दिल्ली की गाजीपुर मंडी में बिक रहे हैं। लिलियम की अत्यधिक मांग के चलते उद्यान विभाग अब देवीधुरा क्षेत्र को लिलियम के क्लस्टर के रूप में बढ़ावा देने की सोच रहा है।
राजीव ने तीन हजार स्कवायर मीटर में 60 हजार लिलियम के बल्ब, गोकुलानंद ने 100 वर्ग मीटर में तीन हजार बल्ब, जीवानंद जोशी ने 22 हजार वर्ग मीटर के पॉलीहाउस में 22 हजार लिलियम के बल्ब लगाए थे जो अब पूरी तरह तैयार हैं। लिलियम की एक स्टिक की कीमत 40 से 50 रुपये किसानों को आसानी से मिल रही है।
लिलियम ठंडी आबोहवा का बेहद खूबसूरत फूल है और इसकी बाजार में अत्यधिक मांग है। हॉलेंड से इसके बल्ब को मंगाया जाता है। देवीधुरा उद्यान सचल केंद्र प्रभारी प्रदीप पचौली ने बताया कि स्थानीय किसानों में लिलियम की खेती को लेकर काफी उत्साह है। लिलियम की खेती करने वाले किसानों को हर संभव मदद विभाग की ओर से की जा रही है।
पॉलीहाउस और बल्ब खरीदने के लिए मिल रही सहायता
चंपावत। जिला उद्यान अधिकारी एनके आर्या ने बताया कि लिलियम की खेती के लिए पॉलीहाउस लगाने के लिए विभाग की ओर से 80 से 50 प्रतिशत अनुदान मिल रहा है। जबकि लिलियम के बल्ब को खरीदने के लिए 50 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। देवीधुरा को लिलियम क्लस्टर के रूप में विकसित किया जाएगा।