रविवार तड़के तीन बजे बनबसा फीडर में चूहा घुसने से आग लग गई। तारों के स्पार्किंग से क्षेत्र की लाइट घंटों गुल रही। विभाग के कर्मचारियों ने करीब चार घंटे में बिजली को ठीक किया तो 33 केवी लाइन में खराबी आ गई। इसके बाद लोहियाहेड का ग्रिड फेल हो गया।
इन सबके बीच क्षेत्र में साढ़े नौ घंटे से अधिक तक बिजली गुल रही। नतीजतन लोगों को काफी परेशानी हुई। पानी का संकट भी लोगों को झेलना पड़ा।
रविवार तड़के चूहे ने बनबसा फीडर में घुसकर तारों को काट लिया, इससे फीडर में आग लग गई और क्षेत्र की बिजली गुल हो गई। जब विभागीय कर्मियों ने फीडर को चेेक किया तो वहां चूहा मरा था और तार कटी थी। इसके बाद कर्मियों ने फीडर की खामी को ठीक किया तो कुछ देर बाद ही सुबह 7 बजे लोहियाहेड के पास 33 केवी की लाइन में फाल्ट आ गया।
इससे बाद सुबह 10 से 11 बजे तक लोहियाहेड ग्रिड 132 के फेल होने से बिजली व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई। उधर, बिजली विभाग के अवर अभियंता प्रमेंद्र सिंह ने बताया कि रात के समय बनबसा फीडर की ट्राली में खराबी दूर करने के बाद लोहियाहेड के पास 33 केवी की लाइनों में फाल्ट आ गया था। फाल्ट दूर होने के बाद विद्युत सप्लाई चालू हुई ही थी कि अचानक लोहियाहेड ग्रिड 132 के फेल होने से फिर से विद्युत व्यवस्था चरमरा गई। दोपहर बाद 12.45 बजे क्षेत्र की बिजली सप्लाई चालू हो पाई।