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राकेश मौनी हत्याकांड के 4 दोषियों कोे उम्रकैद

Tue, 04 Jun 2019 11:03 PM IST
बृजमोहन बृजमोहन अमर उजाला ब्यूरो  चंपावत।
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चंपावत के चौकी गांव में हुए कत्ल के दो दोषियों को अदालत से बाहर ले जाती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
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चंपावत के चौकी गांव में मार्च 2016 में हुए राकेश मौनी हत्याकांड में जिला अदालत ने मंगलवार को दो भाइयों सहित कुल चार अभियुक्तों को आजीवन कारावास, दो अभियुक्तों को दस वर्ष और एक महिला अभियुक्त को एक साल की कठोर कैद की सजा सुनाई। अदालत ने सभी दोषियों पर जुर्माना भी लगाया। जिला अदालत उक्त सभी अभियुक्तों को 28 मई को ही दोषी करार दे चुकी था। अभियोजन पक्ष की ओर से  जिला शासकीय अधिवक्ता सुनील खर्कवाल ने पैरवी की। 

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चंपावत के चौकी गांव में 22 मार्च 2016 को किसी विवाद को लेकर राकेश मौनी (32) पुत्र कैप्टन बिंदु सिंह मौनी (रिटायर्ड) की कुछ लोगों ने घर में घुसकर धारदार हथियारों से हत्या कर दी थी। बिंदु सिंह के दो बेटे कमल सिंह (36), चंद्रशेखर मौनी (26) और कमल की पत्नी देवकी देवी (33) भी हमले में जख्मी हो गई थी।

मामले में मृतक के पिता ने ईश्वर सिंह पुत्र अमर सिंह और भगत सिंह पुत्र अमर सिंह, त्रिलोक सिंह के बेटे दिलीप सिंह और बोध सिंह, लक्ष्मण सिंह पुत्र त्रिलोक सिंह, लक्ष्मण सिंह की पत्नी रेनु देवी और लक्ष्मण सिंह के बेटे पवन सिंह के खिलाफ चंपावत कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। चंपावत कोतवाली में इन अभियुक्तों के खिलाफ धारा 302, 307, 147 और 148 के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया था। मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद 28 मई को जिला जज आशीष नैथानी ने तमाम सबूतों, गवाहों और तथ्यों के आधार पर सातों अभियुक्तों को दोषी करार दिया था। मंगलवार को इन्हें सजा सुनाई गई। 
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अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता सुनील खर्कवाल ने अदालत से अभियुक्तों को फांसी की सजा देने की अपील की थी, लेकिन कोर्ट ने फांसी की सजा के बजाय आजीवन कारावास को सही बताया। ईश्वर सिंह, भगत सिंह, पवन सिंह और दिलीप सिंह को आईपीसी की धारा 302 के तहत आजीवन कठोर कारावास, 147 और 148 के तहत एक-एक साल की सजा सुनाई। चारों दोषियों पर दस-दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना न चुकाने पर सभी को एक-एक साल की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।

वहीं, बोध सिंह और लक्ष्मण सिंह को 307 के तहत दस साल कठोर कारावास और 147 व 148 के तहत एक साल की सजा सुनाई गई है। इसके अलावा दोनों दोषियों पर दस-दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना न चुकाने पर एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। लक्ष्मण सिंह की पत्नी रेनु देवी को 147 और 148 के तहत एक वर्ष का कारावास और तीन हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना न चुकाने पर दो माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। सभी अपराधियों को अल्मोड़ा जेल ले जाया गया। 

तब खूनी रंग में बदल गया था होली का रंग 
चंपावत। करीब 26 माह पूर्व 22 मार्च 2016 को होली से ठीक एक दिन पहले चौकी गांव में हुए नृशंस हत्याकांड ने होली की खुशियों को फीका कर दिया था। होली की उमंग में मस्त कैप्टन (रिटायर्ड) बिंदु सिंह मौनी के परिवार को यह आभास नहीं था कि चंद पलों बाद एक अनहोनी होने वाली थी। रंग का पर्व होली खूनी रंग में बदल बदरंग हो चुका था। कैप्टन मौनी उन खौफनाक पलों को आज भी नहीं भूले हैं। 32 साल के बेटे राकेश को खोने के बाद उनका एकमात्र ध्येय मृतक बेटे को इंसाफ दिलाना रहा।

इसके लिए उन्होंने न केवल लंबी लड़ाई लड़ी, बल्कि लंबा सब्र भी रखा। पूरे केस पर पैनी नजर रखी। चंपावत की अदालत से लेकर नैनीताल उच्च न्यायालय तक कई बार दौड़ लगाई। पुलिस के एक जांच अधिकारी द्वारा कुछ आरोपियों की आरोप पत्र की धाराओं को जमानत के लिए उच्च न्यायालय में बदलने के मामले का भी उन्होंने पर्दाफाश किया। तमाम तरह के संघर्ष के बाद मंगलवार को उन्हें सुुकून मिला। कैप्टन मौनी कहते हैं कि बेटे के हत्यारों को सजा मिलने से इंसाफ और उनके संघर्ष की विजय हुई है। कोर्ट के इस आदेश से इस तरह के जघन्य कुकृत्यों को अंजाम देने वालों में भी डर पनपेगा। 

दुस्साहस : फोटो पत्रकार पर किया हमला
चंपावत। चंपावत के चौकी गांव में 22 मार्च 2016 को हुए राकेश मौनी हत्याकांड के दोषियों का दुस्साहस कम नहीं हुआ। अदालत की ओर से सजा सुनाए जाने के बाद मंगलवार शाम कोर्ट परिसर के बाहर सात दोषियों में से दो ने फोटो खींचने का प्रयास कर रहे प्रेस फोटोग्राफर पर हमला कर दिया। फोटोग्राफर किसी तरह उनके हमले से बचा। हथकड़ियां बंधे होने के बावजूद पुलिस की मौजूदगी में अभियुक्तों ने यह दुस्साहस किया।

चौकी गांव में मार्च 2016 में हुई हत्या मामले में मंगलवार को जिला अदालत ने सजा सुनाई। शाम 5.11 बजे पुलिस इन अभियुक्तों को अदालत परिसर से बाहर बस में बैठाकर अल्मोड़ा जेल ले जाने की तैयारी कर रही थी। इसी बीच, दो अभियुक्तों ने फोटो खींच रहे प्रेस फोटोग्राफर पर हमला कर दिया। फोटोग्राफर का कहना है कि वह किसी तरह उनसे बच सका। फोटोग्राफर ने तुरंत इसकी जानकारी फोन से पुलिस अधीक्षक को दी। एसपी धीरेंद्र गुंज्याल ने कहा कि इस मामले में जरूरी कार्रवाई की जाएगी।

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