उत्तर भारत के प्रमुख देवी शक्तिपीठ मां पूर्णागिरि धाम में होली पर्व के तत्काल बाद करीब तीन माह की अवधि के मेले का संचालन किया जाता है। इस बार पूर्णागिरि मेला 14 मार्च से शुरू होगा, लेकिन अब तक आयोजक संस्था जिला पंचायत और जिला प्रशासन की ओर से मेले की व्यवस्थाओं को लेकर कोई तैयारी बैठक तक नहीं की जा सकी है।
इस संबंध में श्री पूर्णागिरि मेला समिति के एक शिष्टमंडल ने शुक्रवार को जिलाधिकारी डा.अहमद इकबाल से मुलाकात की और जल्द से जल्द मेले की व्यवस्थाओं के संबंध में बैठक आयोजित किए जाने की मांग उठाई।
मेला समिति अध्यक्ष भुवन चंद्र पांडेय के नेतृत्व में मिले शिष्टमंडल का कहना था कि मां पूर्णागिरि धाम में हर साल बीस लाख से अधिक श्रद्धालु देवी के दर्शन कर मन्नत मांगते हैं। सर्वाधिक भीड़ चैत्र से शुरू होने वाले मेले में होती है। मेले का संचालन जिला पंचायत और जिला प्रशासन की ओर से किया जाता है। इस बार पूर्णागिरि धाम में सरकारी मेला होली के बाद 14 मार्च से शुरू होकर तीन माह से अधिक वक्त तक चलेगा, मगर अब तक मेले की तैयारियों को लेकर एक भी प्रशासनिक बैठक नहीं हो सकी है, जबकि अन्य वर्षों में एक माह पूर्व ही व्यवस्थाएं सुचारु हो जाती थी।
डीएम डा.अहमद इकबाल ने शिष्टमंडल को आश्वासन दिया कि दो तीन-दिन के अंदर मेले की तैयारियों से संबंधित बैठक की जाएगी। शिष्टमंडल में जिला पंचायत सदस्य गोविंद सिंह सामंत, मेला समिति सदस्य जमुना दत्त पांडेय, केदार दत्त जोशी आदि शामिल रहे।