चंपावत/ लोहाघाट। जिले के चल्थी कठैल क्षेत्र में तेंदुए की दहशत बनी हुई है। बुधवार को पचनई में दिनदहाड़े तेंदुए ने भगवान सिंह के बैल को मार डाला जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल पैदा हो गया। दिन में तेंदुए की आवाजाही से लोगों में भय है। ग्रामीणों ने वन विभाग से तेंदुए को शीघ्र पकड़ने और पीड़ित को उचित मुआवजा देने की मांग की है।
ग्रामीणों को कहना है कि इस क्षेत्र में लंबे समय से तेंदुए सक्रिय है। विभाग को कई बार सूचित भी किया गया है लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इधर वन विभाग के रेंजर हिमालय सिंह टोलिया ने बताया कि सूचना के बाद वन विभाग की टीम को मौके पर भेज दिया गया है। क्षेत्र में गश्त कर लोगों को जागरूक किया जाएगा।
इधर लोहाघाट के टाड़ाढूंगा मोहल्ले में तेंदुआ घर के आंगन से एक कुत्ते को उठा ले गया। घटना सीसीटीवी में कैद हो गई। इससे क्षेत्र में दहशत है। लोहाघाट के पूर्व ब्लॉक प्रमुख योगेश मेहता ने बताया कि रात करीब साढ़े 12 बजे कुत्तों के भौंकने की आवाज आई। लोगों ने जब घर से बाहर झांक कर देखा तो सड़क पर तेंदुए को घूमते देखा। कुछ लोगों ने इसे बाघ भी बताया। हालांकि रात के अंधेरे में साफ न दिखाई देने के कारण बाघ और तेंदुए में अंतर समझ नहीं आया। लोगों ने बताया कि कैमरे में दिखने वाला तेंदुआ पीले रंग का और धारी वाला था। वन विभाग के रेंजर दीप जोशी ने बताया कि दिखने वाला जानवर तेंदुआ ही हो सकता है। बाघ तराई क्षेत्रों में ही पाया जाता है। संवाद