बिंगराकोट में तेंदुए के आतंक से यहां के लोगों की जिंदगी ठहर सी गई है। एक पखवाड़े में तेंदुए ने यहां पांच मवेशियों को मौत के घाट उतार दिया है। अब उसके दिनदहाड़े आबादी में दस्तक देने से महिलाओं का घास-लकड़ी के लिए जंगलों में जाना बंद हो गया है। लोगों ने अपने मवेशियों को घर ही में बांध रखा है। छात्र-छात्राआें को स्कूल तक ले जाने के लिए भी लोग साथ जाने को मजबूर हैं।
दिन ढलने के बाद यहां लोग घरों में दुबक जाते हैं। ग्राम प्रधान पन राम, सरपंच, हयात सिंह, राजेंद्र प्रसाद, खिलानंद आदि लोगों ने वन विभाग से पिंजरा लगाकर तेंदुए को पकड़ने की मांग की है। वन क्षेत्राधिकारी एमएस मेहता के अनुसार तेंदुआ प्रभावित गांव में वन कर्मियों की गश्त शुरू की जाएगी, यदि आवश्यक हुआ तो वहां पिंजरा भी लगाया जाएगा।