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चम्पावत: चंपावत जिले में पिछली बार से 4.81 प्रतिशत कम उपस्थिति

Sun, 12 Feb 2023 11:57 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
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चंपावत। उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की ओर से पांच सप्ताह में दूसरी बार आयोजित राजस्व उप निरीक्षक, पटवारी, लेखपाल की लिखित परीक्षा में आठ जनवरी की अपेक्षा 12 फरवरी को हुई परीक्षा में 4.81 प्रतिशत कम उपस्थिति रही। परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में धारा 144 लागू की गई थी।
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परीक्षा के नियंत्रण कक्ष प्रभारी सीईओ जितेंद्र सक्सेना ने बताया कि चंपावत जिले के 26 परीक्षा केंद्रों में कुल 5,358 अभ्यर्थियों में से 3,594 (67.08 प्रतिशत) ने परीक्षा दी। तीनों जोनल मजिस्ट्रेट एसडीएम रिंकू बिष्ट, अनिल कुमार चन्याल, सुंदर सिंह ने कई परीक्षा केंद्रों का मुआयना किया। इससे पूर्व आठ जनवरी को हुई परीक्षा में 3,852 (71.89 प्रतिशत) अभ्यर्थी शामिल हुए थे।

पेपर पिछली बार की तरह इस बार भी शानदार रहा। जीके और जीएस के कुछ प्रश्न कठिन थे। निष्पक्ष परीक्षा के लिए सिर्फ उम्मीद ही की जा सकती है। - गोकुल कुमार, अभ्यर्थी, चंपावत।
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पिछली बार परीक्षा केंद्र बनबसा था और इस बार चंपावत। पेपर अच्छा रहा है लेकिन लीक होने का डर अब भी बना हुआ है। बस भगवान से प्रार्थना है कि इस बार का पेपर लीक न हो। - युगल कुमार जोशी, अभ्यर्थी, देवीधुरा।

पेपर पिछली बार से कठिन था। एक ही पेपर कई बार देने से मनोदशा भी प्रभावित हो रही है। हर बार पेपर लीक का अंदेशा सताता है। इसकी मार कम आर्थिक संसाधन वाले अभ्यर्थियों पर पड़ती है। -
ममता भट्ट, अभ्यर्थी, लोहाघाट।


पेपर उम्मीद के मुताबिक रहा है। नतीजा चाहे जैसा भी रहे लेकिन सरकार से एक प्रार्थना है कि निष्पक्ष और बेदाग प्रणाली बना परीक्षा की साख बचाई जाए। - रिंकी चंद, अभ्यर्थी, लोहाघाट।

लोहाघाट में रोडवेज ने अभ्यर्थियों के लिए लगाईं 15 बसें
लोहाघाट (चंपावत)। राजस्व उप निरीक्षकों की भर्ती परीक्षा में अभ्यर्थियों को उनके शहरों तक पहुंचाने के लिए रोडवेज की व्यवस्था ठीक रही। निगम ने पेपर छूटने के बाद एक बजे से लोहाघाट से मैदानी क्षेत्रों के लिए 15 बसें लगाईं। रोडवेज के एजीएम नरेंद्र कुमार गौतम ने बताया कि परीक्षार्थियों की भीड़ को देखते हुए पुख्ता व्यवस्था की गई थी। अभ्यर्थियों के लिए आवाजाही का किराया नहीं लिया गया। हालांकि कई मार्गों पर टैक्सियों से भी परीक्षार्थियों ने सफर किया। संवाद

... लेकिन यात्रियों को करना पड़ा लंबा इंतजार
चंपावत। अभ्यर्थियों के लिए बसों के इंतजाम तो ठीक थे लेकिन इसका खामियाजा दूसरे लोगों को भुगतना पड़ा। कई आम यात्रियों को लंबे रूट पर बसों के लिए परेशानी झेलनी पड़ी। एक घंटे से लंबा इंतजार करने के बावजूद बस न मिलने से कई लोग मायूस भी लौटे।

ग्रामीण क्षेत्रों के अभ्यर्थियों को नहीं मिला फ्री बस सेवा का लाभ
चंपावत। पटवारी परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों के लिए रोडवेज ने किराया दिए बिना आवाजाही की सुविधा दी थी। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग से आवाजाही करने वाले अभ्यर्थियों ने तो इसका लाभ उठाया लेकिन दूरदराज के अभ्यर्थियों को इसका फायदा नहीं मिला। तल्लादेश के मंच, तामली क्षेत्र से लेकर गुमदेश के पंचेश्वर, रौसाल, दिगालीचौड़, मडलक, पुलहिंडोला, लधिया घाटी के रीठा साहिब, भिंगराड़ा, पाटी, देवीधुरा आदि क्षेत्रों के युवाओं को बस के बजाय जीप-टैक्सी या दूसरे माध्यम से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचना पड़ा। इसके लिए उन्हें महंगा किराया चुकाना पड़ा।
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