चंपावत में आयोजित बैठक में चर्चा करते उपनल कर्मचारी।
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उपनल कर्मचारी असुरक्षित भविष्य और कम वेतन मिलने से आहत हैं। इस बावत अब ये कर्मचारी सभी विधायकों से समर्थन पत्र लेकर सीएम को सौपेंगे। यह निर्णय संगठन की यहां हुई बैठक में लिया गया। जिले के स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत उपनल कर्मचारियों को पिछले दस माह का वेतन दिलाए जाने को लेकर संघर्ष करने का निर्णय लिया गया।
रविवार को वन पंचायत सभागार में हुई बैठक में कर्मचारियों का कहना था कि बेहद कम मानदेय में काम कर रहे हैं। साथ ही सरकार उनके बेहतर भविष्य के लिए कोई कदम नहीं उठा रही है। उचित वेतन और सुरक्षित भविष्य के लिए नीति बनाए जाने को लेकर प्रदेश के सभी विधायकों से समर्थन पत्र पर हस्ताक्षर लिए जाएंगे। इस समर्थन पत्र को सीएम को सौंप उचित कार्यवाही करने की अपील की जाएगी।
जिलाध्यक्ष पवन डूंगरिया की अध्यक्षता में हुई बैठक में कहा गया कि स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत 14 उपनल कर्मचारियों को बीते दस माह से वेतन नहीं मिल सका है। जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। इन कर्मचारियों को वेतन दिलाने के लिए संघर्ष करने की बात कही गई। साथ ही जिले में कार्यरत सभी 450 कर्मियों का पहचान पत्र बनाया जाएगा। बैठक में मनोज गड़कोटी, रमेश सुतेड़ी, अमित भट्ट, जीतेंद्र, रजत साही, दिनेश, राजू अटियाल, विनोद जोशी, सचिन कुमार मौजूद थे।