जिला मुख्यालय सहित विभिन्न स्थानों में रामलीला का मंचन जारी है। लक्ष्मण ने सूर्पणखा का नाशिका छेदन किया। खरदूषण वध तक की रामलीला का मंचन किया गया। फुलारागांव में भी रामलीला देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है। मल्लीहाट में मुख्य अतिथि नरेंद्र सिंह लडवाल ने रामलीला का शुभारंभ किया।
लोहाघाट नगर, कर्णकरायत, भिंगराड़ा, चमदेवल, देवीधुरा आदि स्थानों में भी रामलीला की धूम मची हुई है। लोहाघाट की रामलीला की शुरुआत खर दूषण दरबार से की गई। मारीच का कपट मृग बनना, साधु के वेश में रावण द्वारा सीता का हरण करना, रावण जटायु युद्ध, राम-लक्ष्मण का पंचवटी में पहुंचना, सीता की खोज करना, जटायु द्वारा रावण द्वारा सीता हरण की बात बताना, सीता की खोज में वन में भटकने तक की लीला दिखाई गई।
कर्णकरायत की रामलीला का मुख्य अतिथि विधायक पूरन सिंह फर्त्याल, जिपं सदस्या सुषमा फर्त्र्याल, जगदीश ओली ने शुभारंभ किया। पंचवटी में राम, सीता, लक्ष्मण का बैठना, सूर्पणखा का प्रवेश, लक्ष्मण द्वारा सूर्पणखा का नाक कान काटना, सूर्पणखा का खरदूषण दरबार में जाकर आपबीती बताना, खर दूषण का राम द्वारा वध करना, रावण का साधुवेश में सीता का हरण करना, सीता की खोज करते हुए राम लक्ष्मण का शबरी आश्रम में पहुंचने की लीला दिखाई गई।
भिंगराडा़ की रामलीला में जनक दरबार में विश्वामित्र के साथ दो राजकुमारों को देखकर महाराजा जनक खुश हुए। यहां विश्वामित्र का दिनेश भट्ट, जनक का सीएस जोशी, श्री राम का पानदेव, लक्ष्मण का रमेश सिंह, ताड़का का बंसत भट्ट तथा दशरथ का भैरव दत्त जोशी अभिनय कर रहे हैं। बाराहीधाम की लीला में पिता पुत्र के बीच में शानदार संवाद हुआ। पिता मोहन पांडेय ने जनक और पुत्र विजय पांडेय ने विश्वामित्र के पात्र का अभिनय किया गया। उधर, चमदेवल में हो रही रामलीला में सीता स्वयं वर की लीला में जब देश-विदेश के राजा धनुष नहीं तोड़ पाए। इसके बाद श्री राम ने धनुष तोड़ा परशुराम एवं लक्ष्मण के बीच तीखा संवाद हुआ।