चंपावत। जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत निर्माणाधीन धौन-बजौन सड़क में भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन से ईजरा तोक के आवासीय मकानों को खतरा उत्पन्न हो गया है।
खतरे की जद में आए बजौन ग्राम पंचायत के ईजरा तोक के ग्रामीणों ने डीएम और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को ज्ञापन भेजकर मकानों को बचाने की गुहार लगाई है।
ग्रामीण हरीश भट्ट, प्रकाश भट्ट, गिरीश भट्ट, दीपक भट्ट, बचीराम, शंकर भट्ट, दिनेश चंद्र, गुमानी दत्त, रमेश चंद्र आदि का कहना है कि यदि जल्द ही सड़क में सुरक्षा दीवार का निर्माण नहीं किया गया तो गांव के कई आवासीय मकान भरभरा कर जमींदोज हो जाएंगे।
स्वांला में भी खतरे की जद में आया आवासीय मकान
चंपावत। जिले के स्वांला में भी भारी बारिश के कारण खेतों और आंगन की दीवार गिरने के साथ ही आवासीय मकान को गंभीर खतरा हो गया है।
पीड़ित टीकाराम भट्ट ने डीएम को ज्ञापन भेजा है। उनका कहना है कि खेतों और आंगन की सुरक्षा दीवार गिरने के कारण उनके मकान को गिरने का खतरा हो गया है।
युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने लिया बारिश से हुए नुकसान का जायजा
चंपावत। युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष सूरज प्रहरी ने मुख्यालय के विभिन्न क्षेत्रों में भारी बारिश से हुए नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने नागनाथ, ब्लॉक कॉलोनी, सर्किट हाउस, नागार्जुन, सीएमओ कार्यालय, खर्ककार्की, बेटलांग में मकानों एवं क्षेत्र के रास्तों का जायजा लिया। उन्होंने शासन प्रशासन से सुरक्षा कार्य शुरू करने की मांग की। उनके साथ सुनील प्रहरी आदि रहे।