चंपावत। मानेश्वर क्षेत्र से लगे मझेड़ा गांव में रोड के लिए 11-12 जुलाई की रात को अवैध रूप से पेड़ काटे जाने के मामले में राजस्व विभाग की टीम ने मौका मुआयना किया लेकिन अभी तक जमीन के स्वामित्व की स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। इसके चलते राजस्व विभाग की टीम को शुक्रवार को फिर से निरीक्षण के लिए भेजा जाएगा।
आरोप है कि मानेश्वर के बसंतबल्लभ उप्रेती, शेखर चंद्र उप्रेती और गिरीश चंद्र उप्रेती की जमीन पर 11 व 12 जुलाई की रात को कुछ दबंगों ने अवैध रूप से रोड काटने व रोड के आड़े आ रहे कई पेड़ों पर जेसीबी चला दी थी। अवैध रूप से पेड़ काटे जाने के बाद इन दबंगों ने मानेश्वर-मझेड़ा रोड से आगे कफलेख-खेतीगाड़ के बीच करीब 250 मीटर रोड की कटिंग कर डाली। प्रभावित लोगों ने 12 जुलाई को लोहाघाट थाने में तहरीर देने के बाद लोहाघाट के एसडीएम का दरवाजा भी खटखटाया। वन विभाग ने 15 के बजाय बांज के 6 पेड़ कटने की बात कही है। शुरुआत में राजस्व विभाग रोड कटिंग वाली जमीन को नाप मानने से इंकार करता दिखा लेकिन दस्तावेज दिखाए जाने के बाद उसके स्वर बदले।
एसडीएम आरसी गौतम ने बताया कि जिस जगह पर अवैध पेड़ कटे हैं, वहां की जमीन की श्रेणी का पता लगाने के लिए राजस्व निरीक्षक आनंद पुरी गोस्वामी के नेतृत्व में जांच टीम भेजी है। इस टीम ने पेड़ कटे वाले पूरे इलाके का मुआयना किया। टीम अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी है। इसके चलते ये टीम फिर से शुक्रवार को निरीक्षण करेगी। टीम में राजस्व उप निरीक्षक वीरेंद्र लाल, ऋषभ कुमार व राकेश पंगरिया शामिल थे। इधर पुलिस ने भी जांच पूरी कर ली है। जांच अधिकारी हेमंत कठैत का कहना है कि मामला भूमि संबंधी विवाद का है। जिस जगह पर पेड़ काटे गए हैं, वहां की जमीन के स्वामित्व का पता लगाने के लिए एसडीएम को पत्र भेजा गया है।