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चंपावत में इस साल से शुरू नहीं होगा केंद्रीय विद्यालय

Mon, 06 May 2019 12:05 AM IST
बृजमोहन बृजमोहन चंद्रशेखर जोशी  चंपावत।
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जिला पंचायत भवन में संचालित लोहाघाट का केंद्रीय विद्यालय। - फोटो : अमर उजाला
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चंपावत में केंद्रीय विद्यालय (केवि) के इस सत्र से खुलने की संभावना खत्म हो गई है। चंपावत के लोगों के लिए यह बड़ा झटका है। केंद्रीय विद्यालय के शुरू होने से एससएबी, सेना और अन्य केंद्रीय कार्मिकों के बच्चों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा मिलने की आस जगी थी लेकिन चार एकड़ जमीन नहीं मिलने से जिले के इस चौथे केवि के खुलने में अड़चन आ रही है। 

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चुनाव आचार संहिता लगने से तीन दिन पूर्व 7 मार्च को केंद्रीय कैबिनेट की आखिरी बैठक में चंपावत में केवी खोले जाने का निर्णय लिया गया था। इस नए स्वीकृत विद्यालय को 2019-20 के शिक्षा सत्र से संचालित किए जाने का एलान हुआ था लेकिन यह केवि मौजूदा सत्र से नहीं खुल सकेगा। लोहाघाट केवि के प्राचार्य और नोडल अधिकारी बीडी ओली का कहना है कि केंद्रीय विद्यालय संगठन से चंपावत केवि को संस्तुति मिल चुकी है लेकिन इसके लिए जरूरी चार एकड़ जमीन उपलब्ध नहीं हो पा रही है।

केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा के प्रतिनिधि और चंपावत के जिला पंचायत सदस्य गोविंद सामंत का कहना है कि जमीन खोजने के प्रयास किए जा रहे हैं। एडीएम टीएस मर्तोलिया का कहना है कि जमीन मिलने के बाद इसके संचालन की कार्यवाही शुरू होगी। चंपावत से पूर्व बनबसा केवि-एक, बनबसा केवि-दो और लोहाघाट में केंद्रीय विद्यालय हैं। 1982 में खुले कमलपथ (केवि-एक) और 1983 में खुले (बनबसा केवि-दो) की व्यवस्थाएं बेहतर हैं। 
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जिला पंचायत भवन में चल रहा डेढ़ दशक पुराना लोहाघाट केवि 
भवन के लिए मंजूर हो चुके हैं 52 करोड़ रुपये 
चंपावत। चंपावत का केवि जमीन नहीं मिलने की वजह से शुरू नहीं हो सका है वहीं दूसरी ओर 13 किमी दूर लोहाघाट में 2004 में खुले केंद्रीय विद्यालय की स्थिति भी अच्छी नहीं है। कक्षा एक से इंटर तक के इस विद्यालय को 15 साल बाद भी अपने भवन का इंतजार है। 433 छात्र-छात्राओं वाला केवि जिला पंचायत भवन के कमरों में चल रहा है। जगह की कमी से इंटर में मात्र विज्ञान संकाय है। पुस्तकालय, प्रयोगशाला और कंप्यूटर की कक्षाओं के संचालन में भी परेशानी हो रही है। प्राचार्य बीडी ओली का कहना है कि स्थान की कमी से दिक्कतें आ रही है। छमनियां में भवन निर्माण के लिए 52 करोड़ रुपये मंजूर हो चुके हैं। चुनाव आचार संहिता के बाद यह धन अवमुक्त होगा। केवि में 36 कमरों के अलावा 8 लैब भवन, आवासीय कक्ष आदि का निर्माण होना है। छमनियां में जहां भवन बनना है वहां तक पहुंचने के लिए सड़क बन चुकी है। 

चंपावत में एसएसबी परिसर सहित अन्य स्थानों पर केंद्रीय विद्यालय के लिए जमीन की तलाश की जा रही है। फिलहाल जमीन नहीं मिल पा रही है। जमीन मिलते ही केंद्रीय विद्यालय का संचालन शुरू हो जाएगा। विक्रम देव सिंह, कमांडेंट, सशस्त्र सीमा बल, पंचम वाहिनी, चंपावत।

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