लोहाघाट (चंपावत)। गुमदेश क्षेत्र के रौशाल में तीन दिवसीय कुमाऊं एकता महोत्सव का बुधवार को कलश यात्रा के साथ शुभारंभ हुआ। महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों में सज-धजकर रामलीला मैदान से ब्रह्मदेव मंदिर तक कलश यात्रा निकाली। यात्रा विभिन्न मार्गों से होते हुए मंदिर पहुंची। जहां विधि विधान पूजा-अर्चना की गई।
महोत्सव समिति के अध्यक्ष संजय पांडेय की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि दायित्वधारी हुकुम सिंह कुंवर ने कलश यात्रा का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि कुमाऊं एकता महोत्सव क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के साथ नई पीढ़ी को अपनी लोक संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है। आयोजन के माध्यम से स्थानीय प्रतिभाओं को मंच मिलने के साथ ही क्षेत्र में आपसी भाईचारे, सामाजिक समरसता और एकता का संदेश भी प्रसारित हो रहा है।
विशिष्ट अतिथि जिला पंचायत सदस्य पुष्कर राम ने कहा कि आने वाले समय में मेले के माध्यम से क्षेत्र की संस्कृति का और अधिक विस्तार होगा। कलश यात्रा के बाद स्कूली बच्चों ने कुमाऊंनी, गढ़वाली और हिंदी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। विभिन्न शैक्षिक और खेलकूद प्रतियोगिताओं में भी क्षेत्र के विद्यालयों के विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। महोत्सव में रामपुर, पीलीभीत, मुरादाबाद, बरेली, सहारनपुर और चंपावत से पहुंचे व्यापारियों ने विभिन्न वस्तुओं की दुकानें सजाई हैं। इस मौके पर बसंत बल्लभ भट्ट, सचिव मोहन सिंह, संजय भट्ट, संजय पांडेय, योगेश भट्ट, मोनू बिष्ट, दीपक जोशी, ललित मोहन कुंवर, त्रिलोक सिंह, कमल सिंह, पवन कुमार, हरीश कुंवर, चंद्रकांत तिवारी, कैलाश राम, कैलाश सिंह, महेंद्र सिंह सामंत, दीपक बोहरा आदि मौजूद रहे।