केंद्र सरकार के बजट को लेकर बुद्धिजीवी, नौकरी-पेशा और कारोबारियों की ही नजर नहीं है, बल्कि महिलाएं भी इस पर नजर रख रही हैं। पिछले साल अच्छे दिनों की उम्मीद तो पूरी नहीं हुई, मगर इस बार गृहणियों को बजट से हालात बेहतर होने की आस है। उनका कहना है कि वित्त मंत्री को रसोई पर रहम करना चाहिए।
खेती-किसानी को मिले बढ़ावा
किसान दीपा देवी का कहना है कि बजट ऐसा हो, जिससे खेती को बढ़ावा मिले। खाद, बीज और उपकरणों में सब्सिडी हो। साथ ही सिंचाई सुविधा का विस्तार किया जाए। ताकि खेती-किसानी को बढ़ावा मिल सके।
सस्ती हो रोजमर्रा की चीजें
गृहणी अंजलि जोशी का कहना है कि बजट की मूल भावना लोगों के कल्याण के लिए हो, जिससे महंगाई काबू में आए। रोजमर्रा की चीजें सस्ती हो।
किचन में न लगे आग
कमला कार्की का कहना है कि बजट में ऐसे प्रावधान हो, जिससे किचन की सामग्री के दाम न बढ़े। आसमान छूती अरहर की दाल से लेकर रसोई की अन्य जरूरी वस्तुओं पर लगाम लगे।
महिला सशक्तिकरण पर हो जोर
विमला तड़ागी का कहना है कि बजट के माध्यम से महिला सशक्तिकरण पर जोर दिया जाना चाहिए। महिला सुरक्षा के लिए महिला सुरक्षा बल बढ़ाया जाए। छात्राओं की पढ़ाई के लिए माहौल और अनुकूल हो।