चंपावत। एनएच में ट्रीटमेंट वाले स्थानों पर टनकपुर से घाट तक वेटिवर प्लांटेशन और चट्टानों में शॉट क्रीट का प्रयोग किया जाएगा। इससे पहाड़ियों को मजबूती मिलेगी।
वेटिवर प्लांटेशन एक प्रकार की घास है, जो ट्रीटमेंट वाली जगहों और ट्रीटमेंट कार्य पूरा होने वाली जगहों पर डाला जा रहा है। इससे एनएच किनारे भूस्खलन वाली पहाड़ियों पर भूस्खलन रोकने में मदद मिलेगी। यह घास जमीन के दो से ढाई मीटर नीचे जाती है। इससे पहाड़ियों की जड़ें मजबूत होंगी। भूस्खलन की संभावनाएं कम होगी। शॉट शोट क्रीट का छिड़काव करने से चट्टानों को मजबूती मिलेगी। यह उन चट्टानों पर डाला जा रहा है जहां ड्रिलिंग हुई है। ड्रिलिंग के बाद ही इसका छिड़काव चट्टानों पर किया जाता है। इससे चट्टानों को मजबूती मिलती है और चट्टानों को खिसकने से बचाया जा सकता है।
कोट
एनएच में टनकपुर से घाट तक ट्रीटमेंट वाली जगहों पर वेटिवर प्लांटेशन और चट्टान वाली जगहों में शॉट क्रीट का प्रयोग कर छिड़काव किया जा रहा है। - ललित रौतेला, अवर अभियंता एसएमबीएस।
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जानिए क्या है वेटिवर घास और शॉट क्रीट
चंपावत। वेटिवर घास (क्राइसोपोगोन जिजनियोइड्स ) दक्षिण भारत में उत्पन्न होने वाला एक बारहमासी पौधा है। जो साल भर होता है। एनएच भूस्खलन वाले स्थानों पर इसका रोपण करेगा। इससे भूस्खलन कम होगा। शॉट क्रीट एक प्रकार का चूना और सीमेंट का मिक्सर होता है। जो भूस्खलन वाली पहाड़ियों को मजबूती प्रदान करता है।