टनकपुर (चंपावत)। उचौलीगोठ के 28 हेक्टेयर राजस्व क्षेत्र में खनन को लेकर शनिवार को तीसरे दिन भी स्थिति तनावपूर्ण बन रही। ग्रामीणों ने शनिवार को फिर खनिज भर रहे डंपर और जेसीबी पर पथराव कर दिया। चालकों ने किसी तरह भागकर जान बचाई।
स्थिति उस वक्त और तनावपूर्ण हो गई जब खनन के समर्थन में आए शक्तिमान यूनियन के अध्यक्ष आनंद सिंह महर अन्नी और उनके पिता पूर्व ग्राम प्रधान विशन सिंह महर के साथ ग्रामीणों की तीखी नोकझोंक हुई। धक्का-मुक्की और हाथापाई तक की नौबत पैदा हो गई थी लेकिन गांव के ही कुछ लोगों ने बीच बचाव कर स्थिति संभाल ली।
रिवर ट्रेनिंग नीति के तहत उचौलीगोठ में खनन का ग्रामीण शुरू से विरोध कर रहे हैं लेकिन ठेकेदार और प्रशासन की ओर से लगातार खनन शुरू कराने का प्रयास किया जा रहा है। तीन दिन से चल रही खनन शुरू कराने की कोशिश से स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
शनिवार की सुबह फिर खनन की कोशिश से ग्रामीण भड़क गए। उन्होंने खनिज भर रहे डंपर और जेसीबी पर पथराव कर क्षतिग्रस्त कर दिया। चालकों ने किसी तरह भागकर जान बचाई।
बताया गया कि बाद में शक्तिमान यूनियन अध्यक्ष आनंद सिंह महर अन्नी और उनके पिता उचौलीगोठ के पूर्व ग्राम प्रधान विशन सिंह महर खनन का समर्थन करने पहुंचे तो उनसे ग्रामीणों की तीखी नोकझोंक हो गई।
बताया गया कि धक्का-मुक्की और मारपीट तक की नौबत आ गई थी, लेकिन कुछ लोगों के बीच बचाव से स्थिति संभल गई। ये सब प्रशासन के खनन क्षेत्र में पहुंचने से पहले का मंजर था।
बाद में सूचना पर थानाध्यक्ष जसवीर सिंह चौहान फोर्स के साथ पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण किसी भी सूरत में खनन नहीं होने देने पर अड़े रहे।
उचौलीगोठ की ग्राम प्रधान के गणेश सिंह की अगुवाई में खनन का विरोध करने वालों में त्रिलोक सिंह, संजू महर, पुष्कर सिंह महर, ग्राम प्रधान पूजा महर, देवेंद्र सामंत, हेम जोशी, विनोद महर, तान सिंह, हुकुम सिंह, मोहित कनवाल आदि शामिल थे।
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उचौलीगोठ में नहीं होगा खनन, चाहे चुकानी पड़े कोई कीमत : विधायक
खनन को लेकर तनाव की सूचना पर उचौलीगोठ पहुंचे विधायक गहतोड़ी
खनन क्षेत्र का निरीक्षण कर ग्रामीणों की बैठक ली
संवाद न्यूज एजेंसी
टनकपुर (चंपावत)। खनन को लेकर तनाव की स्थिति का पता चलने पर विधायक कैलाश गहतोड़ी उचौलीगोठ पहुंचे। उन्होंने प्रस्तावित 28 हेक्टेयर खनन क्षेत्र का निरीक्षण किया और ग्रामीणों की बैठक ली। विधायक ने कहा कि खनन से वास्तव में आसपास के गांवों को खतरा पैदा होगा। गांवों और ग्रामीणों के हित में खनन नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने पुलिस और प्रशासन से भी विरोध कर रहे ग्रामीणों के साथ अपराधी जैसा व्यवहार और कार्रवाई नहीं करने को कहा है।
विधायक ने कहा कि खनन के मामले में वे पूरी तरह ग्रामीणों के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि गांव के हित में किसी सूरत में खनन नहीं होने दिया जाएगा। चाहे इसके लिए मुझे कोई भी कीमत चुकानी पड़े। उन्होंने ग्रामीणों की बात का समर्थन करते हुए कहा कि 28 हेक्टेयर में खनन से वास्तव में आसपास के गांवों को खतरा पैदा होगा। ऐसी स्थिति में खनन गांव के हित में नहीं है। विधायक ने कहा कि शारदा के तट पर बसे गांवों में पूर्व में हुई तबाही खनन का ही नतीजा है। ऐसा कोई कार्य नहीं होने दिया जाएगा जिससे फिर गांवों में तबाही की स्थिति पैदा हो। इस मौके पर एसडीएम हिमांशु कफल्टिया, सीओ अविनाश वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष दीप चंद्र पाठक, मंडल अध्यक्ष पूरन महरा, विधायक प्रतिनिधि हरीश भट्ट, हरीश हैसियत, दीपक रजवार, अमजद हुसैन, पंकज आर्य आदि मौजूद थे।
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पथराव करने वालों पर दर्ज होगा मुकदमा : एसडीएम
टनकपुर (चंपावत)। खनन को लेकर ग्रामीणों के साथ विधायक कैलाश गहतोड़ी की बैठक में एसडीएम हिमांशु कफल्टिया ने कहा कि खनन हो या न हो लेकिन कानून अपने हाथ में लेने वालों के खिलाफ कानून कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि आंदोलन की आड़ में किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जा सकती है। पथराव करने वालों के खिलाफ हर हाल में केस दर्ज कराया जाएगा, चाहे मेरा स्थानांतरण ही क्यों न कर दिया जाए।
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खनन के बजाय कोरोना काल में लोगों की मदद करे सरकार : हेमेश
चंपावत। पूर्व विधायक और कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री हेमेश खर्कवाल ने टनकपुर में 28 हेक्टेयर में लोगों के विरोध के बावजूद जबरन खनन कराने के फैसले को अलोकतांत्रिक और दमनकारी बताया। कहा कि कोरोना की जानलेवा लहर में लोगों की मदद करने के बजाय सरकार खनन करवाने पर आमादा है। खर्कवाल ने जनभावनाओं के अनुरूप खनन बंद न करने पर विरोध करने की बात कही। बताया कि इस क्षेत्र में खनन होने से शारदा नदी के आसपास बसे खेतखेड़ा, नायकगोठ, गैडाख्याली, बोहरागोठ, ऊंचौलीगोठ आदि गांवों में भूकटाव से लेकर खेत-खलिहान और मकानों को खतरा होगा। (संवाद)
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