टनकपुर (चंपावत)। शारदा से खनिज निकासी को लेकर शनिवार को शक्तिमान यूनियन और खनन विभाग के बीच नोकझोंक के बाद वन विभाग ने सुरक्षित रास्ते से निकासी की अनुमति दे दी है। इस पर यूनियन खनन जारी रखने के लिए मान गई है, लेकिन जान,माल की सुरक्षा की गारंटी की मांग पर यूनियन अब भी कायम है।
सरकार की ओर से शारदा में 30 जून तक खनन की अनुमति दी गई है, लेकिन नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए खनन कारोबारियों की शक्तिमान ट्रक यूनियन ने शनिवार से खनन बंद करने का निर्णय लिया था। इसके लिए यूनियन की ओर से गत शुक्रवार को बाकायदा निकासी गेटों पर नोटिस भी चस्पा किया गया। यूनियन का कहना था कि लगातार बढ़ता जलस्तर खनन में लगे श्रमिकों और वाहनों के लिए खतरा बन रहा है। नदी के रास्ते खनिज निकासी से कभी भी जान-माल का नुकसान हो सकता है। शनिवार को यूनियन के फैसले के विपरीत कुछ वाहन खनिज निकासी के लिए पहुंचे तो यूनियन और खनन विभाग के बीच तीखी नोकझोंक गई। बाद में सुरक्षा के मुद्दे पर वन विभाग ने जंगल के रास्ते सुरक्षित निकासी की अनुमति दी तो यूनियन मान गई। अध्यक्ष आनंद सिंह महर अन्नी ने बताया कि सुरक्षित रास्ता खोलने की शर्त पर खनन सुचारु रखने का फैसला लिया गया है, लेकिन श्रमिकों और वाहनों की सुरक्षा की गारंटी की मांग पर यूनियन अब भी कायम है। खनन बंद होने को लेकर असमंजस्य की स्थिति के बीच शनिवार को भी कई वाहनों ने अप और डाउन स्ट्रीम से खनिज की। खनन प्रभारी हरीश पाल ने बताया कि शनिवार को भी करीब 90 वाहनों ने खनिज निकासी की है।
सरकार की ओर से खनन 30 जून तक जारी रहेगा। खनन बंद करने का फैसला यूनियन का था। विभाग तय तिथि तक निकासी गेट खुले रखेगा। वन विभाग ने जंगल के रास्ते से निकासी की अनुमति दे दी है। इस पर यूनियन मान गई है। श्रमिकों और वाहनों की सुरक्षा के लिए विभाग जरूरी कदम उठाएगा। - हरीश पाल, प्रभारी, शारदा खनन।