चंपावत। डीएम नवनीत पांडेय की अध्यक्षता में सोमवार को जिला सभागार में शारदा कॉरिडोर के संबंध में बैठक हुई। डीएम ने बताया कि परियोजना में पूर्णागिरि मंदिर, शारदा रिवर फ्रंट, बूम क्षेत्र, चूका, श्रद्धा पथ आदि को शामिल किया गया है। इससे जिले के धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन, साहसिक पर्यटन ओर इको-पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर पर्यटन और रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
डीएम ने कंसल्टेंट कंपनी को परियोजना को तैयार करते समय स्थानीय आवश्यकताओं, पर्यटन, रोजगार और क्षेत्रीय विकास को ध्यान में रखने के निर्देश दिए। कहा कि परियोजना के तहत शारदा घाट के सौंदर्यीकरण, पार्किंग, पाथ-वे, कॉर्बेट ट्रेल, सड़क निर्माण, ड्रेनेज, स्ट्रीट लाइट, पेयजल व्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण के लिए योजना तैयार करने के साथ ही स्थानीय जीविकोपार्जन के अवसर बढ़ाने और कौशल विकास को प्रोत्साहित करने के लिए प्रस्ताव शामिल किए जाएं।
कंसल्टेंट कंपनी के प्रतिनिधि ने बताया कि शारदा रिवर फ्रंट डेवलपमेंट योजना के तहत कॉरिडोर की रूपरेखा तैयार की जा रही है। वहां एडीएम जयवर्धन शर्मा, एसडीएम आकाश जोशी, ईई लोनिवि एमसी पलड़िया, जिला पर्यटन अधिकारी अरविंद गौड़ आदि थे। संवाद