रीठा साहिब में कार सेवा करती महिला श्रद्घालु।
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रीठा साहिब/चंपावत। रीठा साहिब का तीन दिनी जोड़ मेला शुरू हो गया है। गुरुद्वारा प्रबंधक बाबा श्याम सिंह और अजीत पाल सिंह ने मेले का आगाज किया। उन्होंने कहा सिख धर्म गुरुओं की सेवा और बलिदान की अद्भुत मिसाल होने से समूची मानवता के लिए प्रेरणादायी है। जोड़ मेले के चलते रीठा साहिब गुरुद्वारा और आसपास का इलाका सत-श्री-अकाल की गूंज से गुंजायमान है। मुख्य मेला शुक्रवार को होगा। डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय मेले में शिरकत करेंगे। कोरोना की वजह से बृहस्पतिवार को कुछ ही जगहों से संगत पहुंची। मेले में आने वालों की संख्या कम रही। मेले में उचित दूरी और बचाव के अन्य सभी उपाय किए गए हैं।
तीर्थयात्रियों ने रतिया और लधिया नदी के संगम पर स्नान कर गुरु के दरबार में मत्था टेका। संतों ने अमृतवाणी सुनाई और रीठा साहिब गुरुद्वारे का इतिहास बताया। श्री गुरुग्रंथ साहिब के पाठ की लड़ी और गुरुवाणी शुरू हुई। नानकमत्ता साहिब के मुख्य ग्रंथी गुरदीप सिंह ने सब की भलाई के लिए अरदास की। अखंड सबद-कीर्तन भी चल रहे हैं। नानकमत्ता, सितारगंज, रुद्रपुर से संगत आई। भाई संतोक सिंह साथी, गुरनाम सिंह परनामा, दलजीत सिंह, साधना सिंह आदि लोगों ने मत्था टेका। गुरुद्वारे में लंगर और कार सेवा भी शुरू हो गई। आयोजन में सतनाम सिंह, दीवान राम, केशवी देवी, रेखा देवी, सुरेश सिंह, हरताल सिंह, प्रधान सुरेश कोली आदि सहयोग कर रहे हैं। पैरा लीगल वालंटियर हयात राम ने लोगों को कानूनी जानकारी दी।
स्वास्थ्य शिविर लगाया
रीठा साहिब गुरुद्वारे के मेले के शुभारंभ के मौके पर प्रशासनिक अमला और पुलिस कर्मियों की संख्या कम दिखी। स्वास्थ्य सेवा भी नहीं थी। नानकमत्ता से जरूर स्वास्थ्य टीम आई थी, जिसने लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण करने के साथ दवाएं भी बांटीं। डॉ. मंविदर सिंह गुलाटी, डॉ. निर्मल सिंह, डॉ. सुखवंत सिंह, शाहरा खान, मंदीप कौर आदि ने परीक्षण किया।