होली के लिए बाजार में आए नए रंग
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होली के लिए बाजार में कई रंग आए हैं, जो जलेंगे तो पटाखों की तरह, लेकिन आवाज करने के बजाए इनमें से अबीर-गुलाल निकलेगा। माचिस से जलाए जाने वाले ये पटाखे खास आकर्षण का केंद्र बने हैं।
होली का काउंटडाउन शुरू हो गया है। इसके तहत बाजार भी रंगबिरंगा हो गया है। कारोबारी कमल राय ने बताया कि इस बार होली के लिए पटाखे और रॉकेट बाजार में उपलब्ध है। पटाखे की तरह रॉकेट को भी माचिस से जलाया जाएगा। रॉकेट से हरे, लाल, पीले, काले, नीले रंग के अबीर-गुलाल हवा में बिखरेगा। पटाखे की कीमत 30 रुपये पैकेट है, जबकि एक रॉकेट 60 रुपये का है।
होली के लिए बनने लगे ढोल
काली कुमाऊं की खड़ी होली यहां की खूबी है। इसमें परंपरागत बड़े ढोलों की गूंज सुनाई दे रही हैं। इन बड़े ढोलों को विशेष ताल में बजाया जाता है, तो समां बंध जाता है। इसकी आवाज दूर तक गूंजती है। ढोल की ताल पर लोग मस्त होकर थिरकते हैं। कारीगर गुलाब राम का कहना है कि विजयसार की लकड़ी से बना ढोल सबसे बेहतरीन होता है। इसके अलावा आम, चटिया, बेरी की लकड़ी से भी ढोल बनाए जाते हैं। पुराने ढोलों की मरम्मत का काम भी खूब चल रहा है।