मंदिर में रातभर हुए भजन-कीर्तन
मंदिर परिसर में रथों की परिक्रमा के बाद पूरा मंदिर प्रांगण श्रद्धालुओं से भर गया। जिला पंचायत के पूर्व सदस्य सचिन जोशी ने प्याऊ लगाया। तीन दिनी झूमाधुरी मेले के समापन पर रथ यात्राओं के विसर्जन के बाद प्रसाद बांटा गया। वहां मेला समिति के अध्यक्ष मोहन पाटनी, प्रकाश बोहरा, बाबा आदित्यदास, सुभाष विश्वकर्मा, शशांक पांडेय, कमल कुलेठा, हेम पाटनी, गंगा सिंह पाटनी आदि थे।
पाटन पाटनी और राइकोट महर गांव में सोमवार रात जागरण हुआ। लोक देवताओं ने अवतरित होकर श्रद्धालुओं को आशीष दिया। मां झूमादेवी मंदिर में महिलाओं ने जागरण किया। मान्यता है कि झूमाधुरी मंदिर में सच्चे मन से मां की आराधना करने वाली निसंतान महिलाओं की गोद भर जाती है। इसलिए महिलाओं ने हाथों में दीपक लेकर पूजा-अर्चना की।
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झालीमाली मेले में उमड़े श्रद्धालु
चंपावत। फूंगर के झालीमाली मंदिर में लगे मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। घटोत्कच महोत्सव समिति की ओर से रविवार को आयोजित झालीमाली मेले में पूजा-अर्चना हुई। महिलाओं ने पारंपरिक लोकगीत और झोड़ा गायन किया। मध्य हिमालय क्षेत्र में झालीमाली देवी को हिमालय की देवी का रूप माना जाता है। पंडित हरीश पांडेय ने धार्मिक अनुष्ठान कराए। मुख्य यजमान त्रिलोक बोहरा, मनमोहन बोहरा, शंकर बोहरा रहे। आयोजन में घटोत्कच मेला समिति के उपाध्यक्ष शंकर बोहरा, राकेश बोहरा, बलवंत धामी, गिरीश महर, इंदुवर जोशी, नीरज जोशी, गणेश महर, मदन सामंत आदि ने सहयोग दिया।