आईटीबीपी की 36वीं वाहिनी में बरेली क्षेत्र के डीआईजी आरएम सिंह ने 31 सदस्यीय पर्वतारोहण अभियान दल को हरी झंडी दिखाकर और फ्लैग देकर विदा किया। इससे पहले वाहिनी के कमांडेंट आनंद सिंह ने मुख्य अतिथि समेत 14वीं वाहिनी के कमांडेंट रणवीर सिंह, सातवीं वाहिनी के केदार रावत और सभी अभियान दल के सदस्यों का स्वागत किया।
अभियान दल का नेतृत्व कर रहे द्वितीय कमान अधिकारी भानुप्रताप सिंह और उप सेनानी सुरेंद्र पंवार ने प्रोजेक्टर के माध्यम से बताया कि किस प्रकार अभियान दल अपने लक्ष्य को प्राप्त करेगा। डीआईजी ने कहा कि चार बार आईटीबीपी के जवानों ने एवरेस्ट फतह करने के साथ ही अब तक 198 से अधिक पर्वत शिखरों पर ध्वज फहराया है। अभियान दल में 46वीं वाहिनी के डा.सुरेंदर भी शामिल हैं। इससे पहले बटालियन में सहायक सेनानी कुलदीप रावत, दिवान सिंह, डा.अमरीश कुमार, डा.वरुण कुमार, डा.रोहिणी होमपॉल ने अतिथियों का स्वागत किया।
अभियान दल के सदस्यों में उत्साह
दारमा वैली और पंचाचूली के उत्तरी क्षेत्र में स्थित 20336 फीट ऊंची हिमाच्छादित पर्वत शिखर को फतह करने के लिए अभियान दल के सदस्य बेहद उत्साह और आत्म विश्वास से भरे हैं। दल का नेतृत्व कर रहे द्वितीय कमान अधिकारी भानुप्रताप सिंह, उप सेनानी सुरेंद्र पंवार ने कहा कि अभियान दल को प्रशिक्षण के दौरान सभी जोखिम भरे कार्यों का गहन प्रशिक्षण दिया गया है।
उपकरणों की प्रदर्शनी लगाई
आईटीबीपी परिसर में पर्वतारोहण में प्रयुक्त होने वाले उपकरणों की प्रदर्शनी भी लगाई गई थी, जिसमें सीट हारनेंस, रैपलिंग, क्लाइंबिंग, आईएक्स, जुमार, डिसेंडर, पुली, रॉक पिटन, आईस रॉक हैमर, क्रेस हेलमेट, क्लाइंबिंग बूट, एडवांस विक्टिम डिटेक्टर आदि उपकरणों का प्रदर्शन किया गया था। डीआईजी ने प्रदर्शनी का निरीक्षण किया तथा सभी तैयारियों पर संतोष जताया।