चंपावत। जिले में डेंगू बीमारी की रोकथाम के लिए विभाग ने तैयारी कर ली है। जिला अस्पताल, उप जिला अस्पताल टनकपुर और लोहाघाट में डेंगू के मरीजों के लिए छह-छह और अन्य अस्पताल में दो-दो बेड के आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं। अस्पताल प्रबंधन डेंगू बीमारी को लेकर अलर्ट है। अस्पतालों में उल्टी, दाने, आंखों में दर्द, जोड़ों में दर्द, बुखार से संबंधी मरीजों का ठीक तरह इलाज किया जा रहा है। अगर जांच करने के बाद कोई व्यक्ति पॉजिटिव पाया जाता है तो उसे आइसोलेट किया जाएगा। अस्पताल में बुखार के मरीज आते हैं उनकी जांच की जा रही है। फिजिशियन बुखार से पीड़ित मरीजों पर खासी नजर रख रहे हैं।
जिला अस्पताल के पीएमएस डॉ. पीएस खोलिया ने बताया कि बताया कि डेंगू बीमारी से बचने के लिए पानी को किसी भी जगह एकत्र न होने दें। अपने आसपास साफ सफाई रखें और मच्छरों को पनपने न दें, इसके लिए समय-समय पर दवा का छिड़काव करें। रात को सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। शरीर के अंगों को ढक कर रखें। इससे बीमारी से बचा जा सकता है। संवाद
डेंगू के लिए बनाई गई 36 टीमें
चंपावत। डेंगू बीमारी से बचने के लिए 36 टीम बनाई गई हैं। इसमें आशा, एएनएम, स्टाफ नर्स, सीएचओ घर-घर जाकर सर्वे कार्य कर रहे हैं। दो लाख से अधिक की आबादी तक टीम पहुंच गई है। वर्तमान तक कोई भी पॉजिटिव नहीं मिला है। जांच के लिए किट भी रखी गई हैं।
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डेंगू की रोकथाम के लिए तैयारी पूरी कर ली गई हैं। जिले के तीन अस्पतालों में छह-छह बेड के आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं। - डॉ. केके अग्रवाल, सीएमओ, चंपावत।