लोहाघाट (चंपावत)। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के बजट को किसान टकटकी लगा कर देख रहे हैं। पिछले बजट में किसान सम्मान निधि की तरह उन्हें इस बार कुछ नया पाने की उम्मीद है। रियायती दरों पर बीज, खाद व सिंचाई सुविधाओं में बढ़ोतरी की किसानों को अपेक्षा है।
युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए खेत अहम जरिया है। इसके लिए किसानों को सभी आधुनिक सुविधाएं दी जाएं। रमेश खर्कवाल, लोहाघाट।
पहाड़ में कश्मीर की तरह अखरोट की खेती के अलावा किसानों को निशुल्क टपक सिंचाई एवं उन्नत प्रजाति के बीज दिए जाएं। गोबर गैस प्लांट की भी सुविधा दी जाए। दीपक धौनी, सलना, लोहाघाट।
किसानों का कर्ज माफ करने के साथ उन्हें निशुल्क प्रमाणित बीज व सिंचाई की सुविधाएं दी जाएं। किसानों को अन्नदाता मानकर बजट में उन्हें प्राथमिकता दी जाए। नवीन करायत, जिलाध्यक्ष, भारतीय किसान यूनियन।
पहाड़ की विषम भौगोलिक स्थिति को देखते हुए हिमालय की तर्ज पर बागवानी, दुग्ध उत्पादन, जड़ीबूटी की जैविक खेती के अलावा पॉलीहाउस खेती को बढ़ावा दिया जाए। तारादत्त खर्कवाल, लोहाघाट।
नवीन करायत।- फोटो : CHAMPAWAT
दीपक धौनी।- फोटो : CHAMPAWAT
रमेश खर्कवाल।- फोटो : CHAMPAWAT