निर्माणाधीन चल्थी पुल का क्षेत्र।
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चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर निर्माणाधीन बारहमासी मार्ग और चल्थी पुल की गुणवत्ता की जांच पर पिथौरागढ़ जिले के धारचूला क्षेत्र में आई आपदा भारी पड़ गई है।
जांच टीम के प्रभारी बनाए गए लोनिवि खंड अस्कोट के ईई आशुतोष ने क्षेत्र में आपदा के चलते जांच टीम से अलग करने के लिए एसई को पत्र भेजा है। पिथौरागढ़ सर्किल के एसई ने उनके स्थान पर जल्द ही दूसरे अभियंता की तैनाती की बात कही है।
चंपावत में 24 मई को हुई समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने एनएच और निर्माणाधीन चल्थी पुल की जांच कराने के डीएम को आदेश दिए थे।
इस पर डीएम विनीत तोमर ने लोनिवि के पिथौरागढ़ सर्किल के एसई जेपी गुप्ता की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच दल बनाया। एसई गुप्ता ने व्यस्तता की वजह से जांच टीम का प्रभार अस्कोट के ईई को दिया था।
16 जून को ईई जांच के लिए लोहाघाट के लिए चले, लेकिन सड़क बंद होने से दिनभर फंसे रहे। बाद में भारी बारिश से धारचूला क्षेत्र में हुई भारी अतिवृष्टि से उन्होंने अपना क्षेत्र छोड़ने में असमर्थता जताई।
वैसे सीएम के आदेश के बाद 16 और 17 जून को जांच टीम के दो सदस्यों (लोनिवि के लोहाघाट खंड के ईई एमसी पलड़िया और ग्रामीण निर्माण विभाग के ईई केके जोशी) ने एनएच से चार जगह नमूने लेने के साथ दीवारों की लंबाई, चौड़ाई आदि जांची।
अभी लधिया नदी पर बन रहे चल्थी पुल की गुणवत्ता की भी जांच बांकी है। वहीं अब जांच टीम के प्रभारी के नहीं होने से जांच लटक गई है।
Investigation of NH Construction