राष्ट्रीय महत्व की पंचेश्वर बांध परियोजना को गति देने के लिए चंपावत, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ जिले के वन, राजस्व, पंचायतीराज एवं पंचेश्वर बांध विकास प्राधिकरण के अधिकारी संयुक्त रूप से डूब क्षेत्र की सीमा का निरीक्षण करेंगे। प्रदेश की प्रभारी सचिव राधिका झा ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पंचेश्वर बांध निर्माण से पूर्व होने वाले कार्यों की समीक्षा करते हुए तीनों जिलों के डीएम को इस संबंध में निर्देश दिए। कहा कि संयुक्त निरीक्षण के साथ ही न्यूनतम भूमि होने, वैकल्पिक भूमि उपलब्ध न होने, डूब क्षेत्र की अधिकतम ऊंचाई 311 मीटर के अंदर होने, वन्य जीव अभ्यारण एवं राष्ट्रीय पार्क न होने तथा परियोजना विशेष स्थल होने का प्रमाण पत्र आदि भी उपलब्ध कराना होगा। उन्होंने डूब क्षेत्र में आने वाली वन भूमि के हस्तांतरण में तेजी लाने और प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण कर जरूरी कार्रवाई करने को कहा।
प्रभारी सचिव ने कहा कि ग्राम पंचायतों की खुली बैठकों के लिए रोस्टर निर्धारित करने के साथ जन सुनवाई के लिए पंचेश्वर बांध विकास प्राधिकरण लगातार जिलाधिकारियों के संपर्क में रहकर स्थान एवं तारीख का निर्धारण कराएं। उन्होंने कहा कि समस्त औपचारिक कार्यों को पूरा करने के लिए 31 अगस्त अंतिम तिथि निर्धारित कर दी गई है। बांध निर्माण की डीपीआर तैयार कर रही वाप्कोस कंपनी के अभियंता ने बताया कि भारत तथा नेपाल का 116 वर्ग किमी भूभाग प्रभावित क्षेत्र में होगा। जिसमें भारत का 76 वर्ग किमी डूब क्षेत्र में आएगा। उन्होंने बताया कि डूब क्षेत्र की ऊंचाई पंचेश्वर मंदिर से 250.5 मीटर तथा रामेश्वर मंदिर से 132.5 मीटर होगी, जिससे भारत के लगभग 31 हजार परिवार प्रभावित होंगे। उन्होंने बताया कि मूल्यांकन, साइड निरीक्षण, कम वन भूमि की आवश्यकता, भूमि का विवरण, प्रोजेक्ट की लंबाई चौड़ाई, वन विभाग के नक्शे आदि पूर्ण कर शासन को प्रेषित कर दिया गया है। कांफ्रेंसिंग में एडीएम हेमंत कुमार वर्मा, एसडीएम सीमा विश्वकर्मा, सीडीओ एसएस बिष्ट, डीडीओ आरसी तिवारी सहित वाप्कोस कंपनी के इंजीनियर उपस्थित रहे।
बाराकोट में जन सुनवाई नौ अगस्त को होगी
चंपावत। डीएम डॉ.अहमद इकबाल ने बताया कि बांध निर्माण को लेकर जन सुनवाई नौ अगस्त को बाराकोट विकासखंड सभागार में निर्धारित की गई है। जिसमें प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, प्रशासन और कंपनी के अधिकारी उपस्थित रहेंगे। डैम अथारिटी को ग्रामसभा वार खुली बैठकों का रोस्टर निर्धारित करने के निर्देश दे दिए गए हैं। जिसमें वन, राजस्व, पंचायतराज विभाग के साथ बांध प्राधिकरण को शामिल किया गया है।
बांध निर्माण से जिले के 26 गांव होंगे प्रभावित
चंपावत। डीएम ने बताया कि तहसील चंपावत और पाटी के दो-दो तथा लोहाघाट और बाराकोट तहसील के 11-11 गांव इससे प्रभावित होंगे। तहसील बाराकोट के ग्राम नैत्र व पाटी का सिमलखेत गांव पूर्ण रूप प्रभावित होंगे। जबकि तहसील बाराकोट के गॉव-बेट्टा, सुलान, सुगंरखाल, बौतड़ी मग गूॅठ, कोठेरा, सिंगदा, ब्यूरी, गाइकाझूला, चूलागांव, रैगांव तथा तहसील लोहाघाट के खाईकोट तल्ला, विबिल, खाइकोट मल्ला, निडिल, जिंडीसोराड़ी, भगौटी, डुगंरालेटी, पासम, अषलाण, जमरसौ, मटियानी और तहसील चंपावत के बचकोट, पोलम, तहसील पाटी का चिलिन्या गांव आंशिक प्रभावित होंगे।