चंपावत। जिले में समेकित बाल संरक्षण योजना के तहत जागरूकता कार्यक्रम शुरू हो गया है। शुक्रवार को विकासखंड सभागार पाटी में जनप्रतिनिधियों, आशा, आंगनबाड़ी और एएनएम आदि की एक दिनी प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया।
जिला विकास अधिकारी संतोष कुमार पंत और ब्लाक प्रमुख सुमनलता की मौजूदगी में आयोजित कार्यशाला में विधि परिवीक्षा अधिकारी द्वारिका शर्मा ने किशोर न्याय( बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम 2015, नियम 2016, दत्तक ग्रहण विनियम 2017 तथा पॉक्सो एक्ट 2012 के साथ-साथ ग्राम स्तरीय समितियों के गठन की प्रक्रिया और जिला प्रोबेशन कार्यालय तथा जिला बाल कल्याण समिति की ओर से संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों के बारे में जानकारियां दी गई। उन्होंने कहा कि बाल अधिकारों की सुरक्षा के लिए विकासखंड और ग्राम पंचायत स्तर पर बाल कल्याण समितियों का गठन किया जाना बेहद जरूरी है। खंड विकास अधिकारी डॉ. अमित ममगई, सीडीपीओ बाल विकास विभाग के अलावा पुलिस विभाग, आंगनबाड़ी, आशा तथा विकासखंड के अधिकारी-कर्मचारियों के साथ ही 104 लोगों ने प्रतिभाग किया। कार्यशाला के संचालन में सुनील रावत, बसंत कुमार आदि ने सहयोग दिया।
गोष्ठी में किशोर न्याय बोर्ड के बारे जानकारी दी गई
लोहाघाट (चंपावत)। विकास खंड लोहाघाट में समाज कल्याण विभाग, बाल विकास विभाग और बाल कल्याण समिति की संयुक्त पहल पर जनजागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस मौके पर बाल संरक्षण सहित मुद्दों पर जानकारियां दी गई। शुक्रवार को ब्लॉक सभागार लोहाघाट में खंड विकास अधिकारी महेश चंद्र परगांई की अध्यक्षता में आयोजित गोष्ठी में विधि परिवीक्षा अधिकारी द्वारिका शर्मा ने किशोर न्याय के बारे में बताया।
उन्होंने बालकों की देखरेख, दत्तक ग्रहण विनियम, पॉक्सो एक्ट के साथ-साथ ग्राम स्तरीय समितियों के गठन के बारे में जानकारी दी। गोष्ठी में बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर कुसुम कोहली ने बाल संरक्षण और बाल विवाह बारे में जानकारी दी। सहायक समाज कल्याण अधिकारी एमडी भट्ट ने समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी देने के साथ उनका लाभ लेने की प्रक्रिया बताई। गोष्ठी में राजकुमार, गीता बिष्ट, उर्मिला देवी, दुर्गा ओली, गायत्री चौबे, हेम लता, पुष्पा तिवारी, सीता बिष्ट, सुनीता ढेक, अनीता देवी, बसंत कुमार, संगीता, सुनील रावत, ललित जोशी आदि मौजूद रहे। (संवाद)