चंपावत। जिला सभागार मेें सतत विकास लक्ष्यों को लेकर दो दिनी कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। इसमें जिला स्तरीय अधिकारियों को योजना आयोग की ओर से विजन 2030 लेकर निर्धारित लक्ष्यों की जानकारी दी गई। एडीएम टीएस मर्तोलिया ने कर्मचारियों और अधिकारियों से अपने विभागों में आमजनों के लिए हो रही समस्याओं के निस्तारण और जिले के विकास के लिए प्लान बनाने की बात कही।
यूएनडीपी की ओर से आयोजित कार्यशाला में सतत विकास के संबंधों पर वर्गवार चर्चा की गयी। कार्यशाला में सेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी एंड गुड गवर्नेेंस (सीपीपीजीजी) के नितीश कौशिक ने बताया विजन 2030 को लेकर विश्वभर में 193 देशों ने सहमति जताई है। इसके तहत 17 बिंदु बनाए गए हैं, जिनके आधार पर क्षेत्र के विकास के लिए योजनाएं बनाई जानी हैं। कार्यशाला में देहरादून और गुरुग्राम से आए विशेषज्ञों ने अधिकारियों और एनजीओ के समूह बनाकर उनसे परिचर्चा करने के साथ उनके सुझाव भी लिए। मनमोहन खोसला ने बताया कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य यहां की स्थानीय समस्याओं को सामने लाकर उनके समाधान करना है। इसके लिए तीन साल, सात साल, 10 साल में स्थानीय स्तर पर जिले के विकास का आकलन किया जाएगा।
कार्यशाला में ये अधिकारी रहे मौजूद
चंपावत। कार्यशाला में सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी, डीडीओ एसके पंत, एसडीएम अनिल गर्ब्याल, एसडीओ वन एमएम भट्ट, डीपीआरओ सुरेश बैनी, जिला अर्थ संख्या अधिकारी एनबी बचखेती, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मनोज पांडेय, एएमए जिला पंचायत राजेश कुमार, पर्यटन अधिकारी लता बिष्ट, डीआईओ माध्यमिक डीएस राजपूत, बेसिक सत्यनारायण, गिरधर भट्ट, शंकर, मनीष जोशी, सरैन जैकब, स्मृति खेरा आदि रहे। संवाद