टनकपुर (चंपावत)। कोरोना महामारी के कारण करीब नौ माह से बंद भारत-नेपाल सीमा 16 दिसंबर से पूर्व की भांति खुल सकती है। इस पर फैसला सोमवार को होने वाली नेपाल कैबिनेट की बैठक में हो सकता है।
लॉकडाउन के बाद नौ माह से भारत-नेपाल सीमा सील होने से दोनों देशों के बीच सामान्य आवाजाही बंद है। हालांकि सीमा सील में भी भारतीय सुरक्षा कर्मी तो नेपाली नागरिकों को भारत में प्रवेश दे रहे हैं, लेकिन नेपाल प्रशासन भारतीयों को प्रवेश नहीं दे रहा है। सीमा बंद होने से दोनों देशों के सीमांत बाजारों का कारोबार चौपट हो गया है। इससे व्यापारियों को बड़ा कारोबारी नुकसान झेलना पड़ा है। नेपाल में रहने वाले पेंशनर पूर्व भारतीय सैनिकों और मजदूर कुछ शर्तों को पूरा कर आसानी से भारत में प्रवेश कर रहे हैं, जबकि भारतीय व्यापारियों को कारोबारी वसूली के लिए भी नेपाल में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। नेपाल प्रशासन के रवैये के विरोध में बनबसा क्षेत्र के व्यापारी कई बार विरोध-प्रदर्शन भी कर चुके हैं। कोरोना से बचाव के मद्देनजर नेपाल सरकार ने 15 दिसंबर तक सीमा सील की अवधि बढ़ाई थी, जो दो दिन बाद खत्म हो रही है। सीमा पार के राजनीतिक सूत्रों की मानें तो सोमवार 14 दिसंबर को प्रस्तावित नेपाल सरकार की कैबिनेट बैठक में यह तय हो सकता है कि 16 दिसंबर से सीमा पूर्व की भांति खुल जाएगी या फिर अभी और सीमा बंद रखने की अवधि बढ़ेगी।