इंदिरा गांधी की जयंती पर मोटर स्टेशन रोड पर बालेश्वर मंदिर के पास दर्जा कैबिनेट मंत्री हेमेश खर्कवाल की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल ने इंदिरा अम्मा भोजनालय का शुभारंभ किया। कहा कि 25 रुपये के हिसाब से मिलने वाली थाली योजना से गरीब और निर्बल वर्ग को सस्ता भोजन उपलब्ध हो सकेगा। इससे पहले मंत्री ने इंदिरा गांधी की प्रतिमा में माल्यार्पण किया।
भेषज संघ के पूर्व अध्यक्ष हरगोविंद बोहरा के संचालन में हुए कार्यक्रम में बताया गया कि भोजनालय में स्थानीय उत्पादों से निर्मित खाद्य सामग्री का अधिक से अधिक उपयोग किया जाएगा। मंत्री ने भोजन बनाने में सहयोग कर रही मां पूर्णागिरि स्वयं सहायता समूह और महिला समूह मांदली की सराहना की। इस मौके पर प्रभारी डीएम जेएस राठौर, सीडीओ श्याम सुंदर पांगती, एसडीएम नरेश दुर्गापाल, पीडी केएन तिवारी, डीडीओ विवेक उपाध्याय, सीएमओ विनोद टोलिया, डीएचओ एचसी तिवारी, डीएसओ आरएस धामी, डीटीओ आरएस ऐरी के अलावा चेयरमैन प्रकाश तिवारी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहन राम आदि थे।
आम से ज्यादा खास लोगों ने किया लंच
निर्बल और गरीब लोगों को सस्ता भोजन करने की मंशा से शुरू इंदिरा भोजनालय में पहले दिन आम लोगों से ज्यादा खास ने लंच किया। अफसरों सहित खास लोगों को पूड़ी और खीर का भोग लगा। वीआईपी काफिला आगे बढ़ा, तो फिर काफी देर तक आम लोगों को एक थाली के लिए 15 से 40 मिनट का इंतजार करना पड़ा। इसी तरह कई लोगों को चार के बजाय दो ही रोटी दी गई। संचालक गिरधर सिंह का कहना है कि पहला दिन होने की वजह से कुछ अव्यवस्थाएं रही, जिसे आगे दूर कर लिया जाएगा।
राज्य आंदोलनकारी नरेंद्र पहले ग्राहक
चंपावत के भोजनालय में कुल 100 थाली भोजन पहले दिन बना। दो महिला स्वयं सहायता समूहों की 10 महिलाओं ने भोजन तैयार करने से लेकर परोसने की जिम्मेदारी निभाई। भोजनालय के पहले ग्राहक राज्य आंदोलनकारी नरेंद्र शर्मा उत्तराखंडी रहे।
मोबाइल वैन से करें मजदूरों का पंजीकरण : हरीश
काबीना मंत्री हरीश दुर्गापाल ने सचल वाहन के माध्यम से जिला मुख्यालय में मजदूरों का पंजीकरण कराने की हिदायत दी है। कहा कि जनवरी 2016 तक यहां वृहद कैंप लगाया जाए। टीआरसी में हुई समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि चंपावत में दुग्ध प्लांट को शीघ्र स्थापित कर दूध के उत्पादन को बढ़ाया जाए। चंपावत में इस वक्त करीब 10500 लीटर दूध समितियों के जरिए एकत्र हो रहा है। स्थानीय उत्पादों को ब्रांड नाक से बाजार में उतारने की बात कही।