नेपाल बार्डर और काली कुमाऊं के मुख्य मैदानी पड़ाव टनकपुर में आने वाले बाहरी यात्रियों को मुख्य स्थानों तक पहुंचने के लिए इधर-उधर भटकना या फिर जगह-जगह रुककर पूछना नहीं पड़ेगा। प्रशासन के निर्देश पर एडीबी ने शहर के आंतरिक मार्गों और चौराहों पर संकेतक लगाकर इस समस्या को दूर कर दिया है।
टनकपुर शहर में संकेतक नहीं होने से यात्रियाें को गंतव्य तक पहुंचने के लिए लोगों से पूछना पड़ता था। शहर में तहसील, डाकघर, अस्पताल, बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन, पर्यटक आवास गृह आदि संस्थान और दफ्तर अलग-अलग मार्गों पर स्थित है। शारदा स्नानघाट और नेपाल जाने वाला मार्ग भी शहर से होकर गुजरता है, लेकिन इन स्थानों और मार्गों पर कहीं भी कोई संकेतक नहीं लगे थे।
बता दें कि हर साल होली के अगले दिन से यहां उत्तर भारत का सुविख्यात पूर्णागिरि मेला शुरू होता है, जो करीब तीन माह तक चलता है। देश के कोने-कोने से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां पूर्णागिरि के दर्शन को आते हैं, लेकिन शहर में प्रवेश करने के बाद उन्हें भी गंतव्य तक पहुंचने के लिए रुककर रास्ता पूछना पड़ता था। इधर, प्रशासन के निर्देश एडीबी विभाग नैनीताल ने अब शहर के हर स्थानों पर जाने वाले रास्तों के संकेतक लगा दिए हैं।
महाविद्यालय गेट के पास स्पीड ब्रेकर बनाने की मांग
छात्र नेताओं ने राजकीय महाविद्यालय गेट के पास सड़क पर स्पीड ब्रेकर बनाने की मांग उठाई है। उप जिलाधिकारी को दिए ज्ञापन में छात्र नेताओं ने कहा कि शहर के आंतरिक मार्गों पर टैक्सी वाहनों के साथ भारी वाहन अनियंत्रित गति से दौड़ते रहते हैं, इससे दुर्घटना का खतरा रहता है। ज्ञापन देने वालों में छात्रसंघ उप सचिव मुकेश सिंह, छात्रा उपाध्यक्ष ज्योति, विवि प्रतिनिधि मयंक पंत, उमेश चंद, रवि चंद, पवन चंद, दीपक चंद, शिवम माहेश्वरी आदि शामिल हैं।