नेपाल में भारत विरोध माहौल दिनों-दिन बढ़ता जा रहा है। नेपाल नेकपा माओवादी पार्टी (विपल्व गुट) ने रविवार को भारत के खिलाफ नेपाल बंद का आह्वान किया है, जिसके मद्देनजर भारतीय प्रशासन भी सतर्क हो गया है। वहीं, बॉर्डर पर तैनात सुरक्षा एजेंसियों को हालात को देखते हुए भारतीय वाहनों की नेपाल आवाजाही सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
नेपाल के चल रहे मधेसी आंदोलन का असर चंपावत जिले से लगी भारत-नेपाल सीमा पर भी दिखाई दे रहा है। नेपाल के संविधान में अधिकार की मांग को लेकर आंदोलित मधेसियों द्वारा वीरगंज सीमा पर नाकाबंदी किए जाने से नेपाल में ईंधन और रसोई गैस समेत जरूरी वस्तुओं पिछले डेढ़ माह से ठप है। नेपाल में आंदोलित मधेसियों के बजाय भारत विरोधी माहौल गरमा रहा है। माओवादी (विपल्व गुट) ने रविवार को भारत के खिलाफ बंद का आह्वान किया है। माओवादी विपल्व गुट के इस आह्वान को लेकर भारतीय प्रशासन चौकन्ना हो गया है।
नेपाल के भारतीय वाहनों के साथ कोई अनहोनी न हो इसके लिए बॉर्डर पर तैनात सुरक्षा एजेंसियों को सीमा पार के हालात की स्थिति को देखते हुए ही भारतीय वाहनों को नेपाल आवाजाही की अनुमति देने के निर्देश दिए गए हैं। सीओ राजन सिंह रौतेला का कहना है कि नेपाल के हालात को देखते हुए ही भारतीय वाहनों को नेपाल आने-जाने की अनुमति दी जाएगी। सीमा पार अगर किसी तरह का असुरक्षित माहौल देखने को मिला तो भारतीय वाहनों को बॉर्डर पर ही रोका जाएगा।