चंपावत। चंपावत जिले में पहली बार बालक-बालिका लिंग अनुपात बालिकाओं के पक्ष में गया है। 2023 में एक हजार बालकों में 1247 बालिकाएं हैं। ये पहला मौका है जब बालिकाओं की जन्म दर में वृद्धि हुई है।
वर्ष 2018 तक जिले में बालक-बालिकाओं का लिंग अनुपात प्रति हजार बाल महज 854 बालिकाएं थीं। इसके बाद अभियान चलाकर स्थिति में लगातार सुधार हुआ। सीएमओ डॉ. केके अग्रवाल का कहना है कि 2018 में प्रति एक हजार बालकों में 854 बालिकाएं थीं। 2022 तक ये अनुपात बढ़कर 961 हुआ। इस साल अगस्त तक के आकड़ों में यह अनुपात 1247 हो गया है।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि लिंग अनुपात में सुधार में प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग सहित कई महकमों की सख्ताई, चौपाल, ग्राम स्वच्छता पोषण समिति, आरबीएस की टीम और जागरूकता अभियान की बड़ी भूमिका रही है।
चंपावत जिले में पांच साल का लिंगानुपत
वर्ष - बालक- बालिका- प्रति हजार बालिकाएं
2018: 1295- 1107- 854
2019: 1194- 1157- 979
2020: 1310- 1163- 887
2021: 1586- 1460- 920
2022: 1520- 1461- 961
2023 (अगस्त): 744- 928- 1247