जिला सहायक निबंधक सुभाष चंद्र गहतोड़ी। संवाद
चंपावत। हरिद्वार में निजी कंपनी की ओर से लगाई जाने वाली सायलेज (पौष्टिक पशुचारा) के पैकिंग प्लांट के लिए चंपावत जिले की सहकारी समिति वित्त पोषण करेगी। इसके लिए उत्तराखंड सहकारिता विभाग और प्लांट लगाने वाली कंपनी के बीच करार (एमओयू) हो चुका है। इससे सायलेज (मक्का, ज्वार, जई, बाजरा आदि से बनाए जाने वाला पशुचारा) का उत्पादन बढ़ेगा और कर्ज के बदले समिति की नियमित आमदनी भी होगी।
साइफेड और एथिनिक काऊ प्राइवेट लिमिटेड देहरादून की कंपनी उत्तराखंड में सायलेज की पैंकिंग और वितरण करती है। कच्चा माल और जगह नहीं मिलने से कंपनी चंपावत के बजाय हरिद्वार में प्लांट लगा रही है। प्लांट में 25 और 30 किलो के सायलेज की पैकिंग होगी। इसके लिए टनकपुर की एमपैक्स (बहुउद्देश्यीय प्राथमिक कृषि समिति) पिथौरागढ़ जिला सहकारी बैंक से सवा करोड़ रुपये कर्ज लेगी। कंपनी और यूसीडीपी (उत्तराखंड सहकारिता विकास परियोजना) के बीच देहरादून में इसे लेकर करार हो चुका है। संवाद
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जिले में है 90 हजार क्विंटल सायलेज की मांग
चंपावत। प्रदेश में मुख्यमंत्री घसियारी कल्याण योजना के अंतर्गत सायलेज का वितरण 2021 से शुरू किया गया। पौड़ी, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा और चंपावत जिले से योजना की शुरुआत हुई। इस वक्त जिले में 90 हजार क्विंटल सायलेज की मांग है।
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सायलेज बनाने वाली निजी कंपनी के साथ उत्तराखंड सहकारिता विभाग का करार हो चुका है। एक प्रतिशत ब्याज पर मिलने वाला यह कर्ज कंपनी को दिया जाएगा। कंपनी कर्ज चुकाने के साथ पैकिंग प्लांट के संचालन के साथ रखरखाव भी करेगी।
सुभाष चंद्र गहतोड़ी, जिला सहायक निबंधक, चंपावत।