फुलारगांव में बर्बाद आलू की फसल का निरीक्षण करते मुख्य कृषि अधिकारी राजेंद्र उप्रेती।
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अमर उजाला ब्यूरो, चंपावत। चंपावत जिले के फुलारगांव क्षेत्र में करीब पांच प्रतिशत आलू की फसल का नुकसान हुआ है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने मौका मुआयना कर हालात का जायजा लिया। रोग से बचाव के लिए दवा के छिड़काव के साथ ही अधिक उत्पादन के उपाय बताए। कोरोना वायरस की महामारी से बचाव को लगे लॉकडाउन से काश्तकारों पर मार पड़ रही है। वहीं अब यहां फुलारगांव और आसपास के क्षेत्र में आलू की फसल को भी नुकसान हुआ है। किसानों द्वारा इस मसले को उठाने के बाद विभाग ने मौका मुआयना किया।
सीएओ (मुख्य कृषि अधिकारी) राजेंद्र उप्रेती ने आलू की बर्बाद फसल का निरीक्षण करने के बाद बताया कि फुलारगांव में करीब पांच प्रतिशत फसल का नुकसान हुआ है। नुकसान की वजह समय पर दवाओं का छिड़काव नहीं करना रहा। सीएओ ने बताया कि काश्तकारों से दवाओं के छिड़काव और बचाव के तरीके बताए। किसी भी तरह की सलाह के लिए कृषि विभाग के कंट्रोल रूम (05965-230843) में संपर्क करने की नसीहत दी। गेहूं की फसल का भी जायजा लिया गया। बताया गया कि पिछले दिनों हुई बारिश से गेहूं की बालियों में कालापन आया है, मगर गेहूं का दाना ठीक है। सीएओ ने काश्तकारों को किसान क्रेडिट कार्ड बनाने के साथ प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की रकम के लिए जरूरी प्रपत्र देने का आग्रह किया।