लोहाघाट के दूरस्थ बगोटी गांव में बग्वाली मेले को लेकर बजते ढोल दमाऊं।
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लोहाघाट (चंपावत)। विकासखंड के नेपाल सीमा से लगे गांवों में बगवाली मेले की तैयारियां जोर शोर से चल रही हैं। बृहस्पतिवार को भैयादूज के मौके पर मडलक में मेला लगेगा। इस दौरान मां भगवती की शोभायात्रा निकलेगी। बगोटी गांव में ढोल नगाड़े बजाने के साथ ढुस्कों का गायन और रात्रि जागरण चल रहा है। महिलाओं की ओर से बीजापुरी बाग में घलकि गै गूल, भगवती माता छाज जै को फूल आदि गीतों का गायन कर मां की स्तुति की जा रही है।
बगवाली मेले को लेकर यहां के गांवों में देवताओं को अवतरित कराने और रात्रि जागरण का क्रम जारी है। बगोटी गांव में रात्रि में देवताओं को प्रसन्न करने के लिए देव गद्दी के समीप विशेष प्रकार के लोकगीत ढुस्कों का गायन किया जा रहा है। ढुस्का गायन का नेतृत्व करने वाले यहां के पंडित दीनानाथ पांडेय ने बताया है कि ढुस्का पौराणिक कथा से जुड़ा गायन है। इसको सुनाकर यहां के देवी देवताओं को प्रसन्न किया जाता है। यहां के डॉ. सतीश चंद्र पांडेय ने कहा है कि भैया दूज पर मडलक में बगवाली मेला लगेगा। इसमें यहां के बगोटी, मजपीपल, मडलक और देवी मैत बुंगा के देवरथ आकर्षण का केंद्र होंगे। मेला समिति के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह बोहरा, मंदिर समिति के अध्यक्ष पवन कुमार जोशी, संतोक सिंह रावत, जगदीश चंद्र पांडेय, देव सिंह धौनी आदि मेले की तैयारियों में जुटे हुए हैं।