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शारदा नदी में हुआ पवित्र छड़ी का पूजन

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जूना भैरव अखाड़ा हरिद्वार के सभापति महंत प्रेमगिरी जी महाराज। - फोटो : CHAMPAWAT
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टनकपुर/चंपावत। छड़ी यात्रा का टनकपुर और चंपावत में स्वागत किया गया। बुधवार को टनकपुर में शारदा नदी में स्नान के बाद जूना अखड़ा के संतों ने पवित्र छड़ी का पूजन किया। उत्तराखंड के आध्यात्मिक गौरव, विकास और समृद्धि के उद्देश्य को लेकर शुरू इस यात्रा का पहली नवंबर को हरिद्वार के मायादेवी मंदिर में समापन होगा।
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श्री पंच दशनाम जूना भैरव अखाड़ा हरिद्वार के सभापति प्रेमगिरी महाराज के नेतृत्व में निकली यात्रा का चंपावत में इंसाफ के मंदिर गोल्ज्यू और हिंगलादेवी मंदिर में स्वागत किया गया। अशोक गिरी महाराज, महंत रमनपुरी, महंत बाल योगी, बाबा आदित्यदास के अलावा पूर्व चेयरमैन प्रकाश तिवारी, नवल जोशी, विजय चौधरी, अमरनाथ सक्टा, संजय पंगरिया आदि ने यात्रा का स्वागत किया। यात्रा दल में महंत शिवदत्त गिरी, महंत पुष्कर राज गिरी, विश्वंभर भारती, राजेंद्र गिरी, राज गिरी, गोपाल रावत आदि शामिल हैं। बाद में यात्रा यहां से पिथौरागढ़ रवाना हो गई।
चंपावत। श्री पंच दशनाम जूना भैरव अखाड़ा हरिद्वार के सभापति प्रेमगिरी जी महाराज ने कहा कि सनातन धर्म को परायों से ज्यादा खतरा हिंदू धर्म का मजाक उड़ाने वाले हिंदुओं से है। बुधवार को यहां एक होटल में वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि कई नामी हिंदू अपने ही देवी देवताओं का सार्वजनिक रूप से अपमान कर हिंदू धर्म को नीचा दिखाने में तुले हैं। सनातन धर्म और हिंदू एकता के लिए ऐसे लोगों से सावधान रहते हुए जवाब दिया जाना जरूरी है।
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प्रेमगिरी जी महाराज ने कहा कि साधु संतों के संसद और विधानसभा में दस्तक देने से हिंदुओं के हित की आवाज मुखर हो रही है। साधु संत राजनीति में होने के बावजूद अपने धर्म की परंपरा को नहीं छोड़ते हैं। जूना भैरव अखाड़ा हरिद्वार के सभापति ने कहा कि ऋषि सुनक के ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बनने से भारतवंशी गौरवान्वित हुए हैं। उनकी योग्यता की भी कद्र हुई है।

टनकपुर के शारदा नदी में छड़ी यात्रा के दौरान छड़ का पूजन करते जूना अखाड़ा के संत। संवाद- फोटो : CHAMPAWAT

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