विकासखंड बाराकोट की गल्लागांव-देवलीमाफी सड़क को ठीक करने की मांग को लेकर लोग मुखर हो गए हैं। ग्रामीणों ने शीघ्र सड़क को ठीक नहीं करने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
मंगलवार को गल्लागांव देवलीमाफी मार्ग में हुई ग्रामीणों की बैठक में विनोद कुमार, संजय कुमार, नवीन कुमार, जोगेंद्र प्रसाद, जोत राम, शंकर लाल, निर्मल कुमार, प्रकाश तिवारी, मनोज सिंह आदि लोगों का कहना था कि बरसात के दौरान हर साल यह सड़क में मलबा आने से सड़क की हालत बेहद खराब हो जाती है। जिससे हर समय दुर्घटनाओं का भय बना रहता है। इस सड़क से गल्लागांव-देवलीमाफी 10 राजस्व गांव के लोग आवाजाही करते हैं। उन्होंने कहा कि आपदा की दृष्टि से यह सड़क अति संवेदनशील है।
सड़क की बदहाली के कारण इस सड़क में दुपहिया वाहन चलाने में भी काफी दिक्कतें होती हैं। ग्रामीणों का कहना था कि सड़क की मरम्मत के लिए उनके द्वारा कई बार विभागीय अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया जा चुका है, लेकिन इस दिशा में कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं हो पा रही है। बैठक में तय किया गया कि शीघ्र सड़क की हालत ठीक नहीं की गई तो वह आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
जिला मुख्यालय में हुई एक एमएम बरसात
चंपावत। बाराकोट ब्लाक क्षेत्र के कई गांवों में सोमवार की रात को जमकर बारिश हुई, जिससे जनजीवन पूरी तरह से अस्त व्यस्त हो गया। बारिश से गल्लागांव-देवलीमाफी सड़क सहित कुछ अन्य संपर्क मार्गों में मलबा भर गया। जिला आपदा नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार बीते 24 घंटों में चंपावत और आसपास के क्षेत्रों में एक एमएम बारिश रिकार्ड की गई। जबकि मलबे से अवरुद्ध संपर्क मार्ग खोल दिए गए हैं। गल्लागांव-देवलीमाफी सड़क को खोलने का प्रयास जारी है।