हाईकोर्ट के आदेश के बाद स्टेशन बाजार में आठ दिसंबर 2015 को प्रशासन, एनएच, राजस्व विभाग की ओर से अतिक्रमण किए गए खोखे-फड़ों को हटा दिया गया था। इसके बाद नगर पंचायत की ओर से इस स्थल पर निर्माण कराने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू करने से कुछ लोग भड़क गए हैं। उन्होंने नगर पंचायत की ओर से करवाए जाने वाले निर्माण कार्य पर नाराजगी जताते हुए एसडीएम को ज्ञापन दिया और टेंडर प्रक्रिया रोकने की मांग की है।
विवादों में रहे लोहाघाट स्टेशन बाजार स्थित इस स्थल के आसपास कुछ लोगों ने रोजी-रोटी चलाने के लिए अवैध कब्जा कर खोखे-फड़ निर्माण कर लिया था। पूर्व में अधिवक्ता हरीश ढौडियाल ने सड़क के सामरिक महत्व और सुरक्षा कारणों से एक जनहित याचिका उच्च न्यायालय में दायर की थी, इसमें हाईकोर्ट ने कब्जेदारों को हटाने का आदेश दिया था, इसके बाद प्रशासन ने 8 दिसंबर 2015 को कब्जेदारों के फड़-खोखों को ध्वस्त कर कब्जा हटा दिया था।
लोगों ने आरोप लगाया कि नगर पंचायत की मिलीभगत से फिर से इस स्थल पर निर्माण कार्य करवाने की कोशिश की जा रही है, इसका पता न तो एसडीएम को है और न ही एनएच के अधिकारियों को। संजीव कनौजिया, शैलेंद्र राय, देवेंद्र कुमार, नवल राय, ललित राय आदि ने कहा कि अधिकारियों की मिलीभगत से निर्माण शुरू किया जा रहा है।
निर्माण के लिए टेंडर की प्रक्रिया गलत
एसडीएम सीएस डोबाल का कहना है कि लोहाघाट स्टेशन मार्ग पर हाईकोर्ट के आदेश के बाद 8 दिसंबर को फड़ और खोखों को ध्वस्त करवा दिया था। उनके संज्ञान में आया है कि नगर पंचायत इसमें टेंडर प्रक्रिया के जरिए निर्माण कार्य करवा रहा है, जो कि पूर्णतया गलत है। व्यावसायिक प्रयोग के लिए एनएच नगर पंचायत को दुकान निर्माण के लिए स्वीकृति नहीं दे सकता है। इसके लिए उन्होंने एनएच और नगर पंचायत को पत्र लिख दिया है।
एनएच की ओर से नहीं दी गई स्वीकृति
एनएच के अधिशासी अभियंता एलडी मथेला का कहना है कि लोहाघाट मोटर स्टेशन पर फिर से नगर पंचायत निर्माण कार्य करवा रहा है। यह उनके संज्ञान में नहीं है। उन्होंने इसके लिए स्वीकृति भी नहीं दी है। इस मामले की जांच की जाएगी।
स्वीकृति के बाद ही शुरू हुई है टेंडर प्रक्रिया
नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी अभिनव कुमार का कहना है कि नगर पंचायत ने मोटर स्टेशन पर दुकान निर्माण के लिए एनएच से स्वीकृति ली है। इसके बाद ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है।